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राम माधव के विवादास्पद ट्वीट के लिए मांगी माफी

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उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के योग दिवस कार्यक्रम से गैरहाजिर रहने पर भाजपा महासचिव राम माधव द्वारा आलोचना किए जाने के मामले में सोमवार को केंद्र सरकार ने माफी मांगी है। माधव के विवादास्पद ट्वीट पर विपक्षी दलों द्वारा निशाना साधे जाने के बाद केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाइक ने सफाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को प्रोटोकॉल की वजह से कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया था।
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वहीं दूसरी ओर उपराष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि उनके लिए यह मामला खत्म हो गया है क्योंकि मंत्री का बयान तार्किक है। इस बीच कांग्रेस ने भाजपा विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया है। केंद्रीय मंत्री नाइक ने कहा कि राजपथ पर हुए विशाल योग कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि बनाया गया था।

इसलिए ओहदे में उनसे बड़े राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था। केंद्रीय मंत्री नाइक ने कहा कि राम माधव ने अपना बयान वापस ले लिया है। उन्होंने कहा कि गलती से ऐसा हुआ होगा, हम इसके लिए माफी मांगते हैं। इससे बचा जाना चाहिए था। यह एक गलती थी।
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ट्वीट वापस लिया, मामला खत्म

इस बीच, जम्मू में पत्रकारों से बात करते हुए राम माधव ने विवाद से संबंधित सवाल पर कहा कि जहां तक ट्वीट का सवाल है तो इसे वापस ले लिया गया है और यह मामला खत्म हो गया है। माधव ने योग कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति अंसारी की अनुपस्थिति को लेकर ट्विटर पर सवाल उठाए थे।

सोशल मीडिया में अपनी फजीहत होते देख उन्होंने बाद में अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया था और इसके लिए माफी भी मांग ली थी। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने अंसारी की गैर मौजूदगी को लेकर भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उपराष्ट्रपति को निशाना बनाया गया। योग में सभी समाहित हैं लेकिन भाजपा अपने ऐसे कार्यों से विघटनकारी राजनीति दिखा रही है। इसके लिए राम माधव को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस के महासचिव शकील अहमद ने भी राम माधव के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए इसे संघ की मानसिकता करार दिया।
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