धुएं के छल्ले उड़ाने यानी धूम्रपान के मामले में जम्मू संभाग के राजोरी, रियासी और रामबन जिले सबसे आगे हैं, जबकि कश्मीर घाटी में श्रीनगर ने अन्य जिलों को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि धूम्रपान करने वालों पर हुई कार्रवाई पर नजर दौड़ाई जाए तो कश्मीर में तीन गुना ज्यादा कार्रवाई हुई है।
इस साल पहले नौ माह में एंटी टोबैको एक्ट के तहत जम्मू संभाग में 12,008 लोगों के चालान कटे, जबकि कश्मीर संभाग में 4,386 लोगों पर जुर्माना ठोका। 13,87,270 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसमें से जम्मू संभाग में 9,84,980 रुपये और कश्मीर संभाग में 4,02,290 रुपये वसूले गए।
विभागीय आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो जम्मू संभाग के राजोरी जिले में 4348 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उनसे 2,56,360 रुपये जुर्माना वसूला गया। कश्मीर घाटी में सबसे ज्यादा श्रीनगर में 2835 लोगों से कुल 2,08,010 रुपये वसूले गए।
श्रीनगर में एंटी टोबैको एक्ट के तहत सबसे ज्यादा कार्रवाई
जम्मू संभाग में रियासी दूसरे (2569 चालान, 2,88,300 रुपये), रामबन तीसरे (2522 चालान, 2,08,350 रुपये), डोडा चौथे (989 चालान, 94,300 रुपये) और पुंछ पांचवें (825 चालान, 62,570 रुपये) स्थान पर रहा।
जम्मू जिले की सबसे ज्यादा आबादी होने के बावजूद यहां सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों की संख्या कम है। जम्मू में 233 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 27,750 रुपये वसूले गए।
आबादी के हिसाब से देखे तो जम्मू की आबादी 15.30 लाख है, जबकि रियासी की 3.15 लाख और रामबन की 2.84 लाख है। उस हिसाब से जम्मू में सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों की संख्या कम है या फिर यहां कार्रवाई कम होती है।
कश्मीर संभाग में हंदवाड़ा दूसरे (637 चालान, 65,730 रुपये), कारगिल तीसरे (165 चालान, 33,800 रुपये) और अवंतीपोरा चौथे (128 चालान, 12,400 रुपये) स्थान पर है।