राजोरी के कालाकोट के तत्ता पानी (बरोह) इलाका किसी जमाने में आतंकियों का हॉटस्पॉट रहा है। 1995 से 2010 तक आतंकवाद चरम पर था तो आतंकी तत्ता पानी (बरोह), सूम खड़गाला, केरी के जंगलों में छिपते थे।
बरोह के घने जंगलों में बड़े-बड़े पत्थरों के पीछे प्राकृतिक गुफाएं हैं। इनमें आतंकी आसानी से छिप जाते थे। समय मिलने पर बाहर निकलकर अपने मंसूबों को अंजाम देते थे। यह जंगली इलाके राजोरी जिले के मोगला, तरयाठ, नारला, बम्बल, कोट चढ़वाल, गदयोग और रियासी जिले की चसाना, तूली, बन्ना, गोटा, कुंडरदान, शाहपुर के जंगलों से मिलते हैं। इन्हीं जंगलों से आतंकी एक जगह से दूसरी जगह आते-जाते थे। मौका मिलते ही खून-खराबा करते थे। अब बरोह में दोबारा आतंकी दिखने से सुरक्षाबल अलर्ट पर हैं।