जम्मू पुलिस ने नशे के कारोबार में संलिप्त तीन महिलाओं की पहचान कर ली है। इनमें एक महिला हिरासत में है। महिलाओं पर नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों में अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम के तहत शिकंजा कसा जाएगा।
जम्मू शहर के राजीव नगर को कुछ महिलाओं ने नशा तस्करी का अड्डा बना लिया है। इन पर कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस की ओर से तीन महिलाओं की पहचान कर ली है। इनमें एक महिला हिरासत में है। महिलाओं पर नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों में अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम के तहत शिकंजा कसा जाएगा। कम से कम 2 साल के लिए जेल की सजा हो सकती है।
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सूत्रों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति 5 या 6 बार से अधिक तस्करी के मामलों में संलिप्त हो तो पुलिस के पास यह आधार रहता है कि वह समाज के लिए खतरा है और उसका जेल में रहना जरूरी है। तब यह कार्रवाई होती है। जिला उपायुक्त के पास इन महिलाओं पर पीआईटी एनडीपीएस लगाने की सिफारिश की जाएगी।
पंजाब के तस्कर भी शामिल
बताया जा रहा है कि महिलाओं के पास पंजाब के नशा तस्कर आते हैं। इनकी मदद से हेरोइन, गांजा और चरस बेची जा रही है। एक साल के दौरान राजीव नगर की आठ महिलाएं नशा तस्करी में पकड़ी गईं जबकि इतने ही युवाओं की ओवरडोज से मौत हो चुकी है। कासिम नगर को भी मिला लें तो 13 युवा नशे की भेंट चढ़ गए हैं।
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महिलाओं को बनाया है ढाल
महिलाओं को नशा तस्करी में जानबूझ कर शामिल किया है, क्योंकि वह पकड़ में कम आती हैं। इन पर किसी को शक नहीं होता। तलाशी में पुलिस हिचकती है। यही कारण है कि महिलाओं को ढाल बनाकर ऐसा काम किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो राजीव नगर के अलावा कासिम नगर में भी बड़े स्तर पर महिलाएं तस्करी में शामिल हैं।