जल पुरुष कहलाने वाले राजेंद्र सिंह कश्मीर घाटी में जल संरक्षण की अलख जगांएगे। वह ईद के बाद कश्मीर पहुंचेंगे। इस दौरान वह बारामुला के बोनियार से उड़ी तक पदयात्रा कर लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे। राजस्थान के अलवर जिले के जल संरक्षणवादी और पर्यावरणविद् राजेंद्र सिंह को ‘भारत के वाटरमैन’ के रूप में जाना जाता है।
उन्होंने वर्ष 2001 में मैग्सेसे पुरस्कार और वर्ष 2015 में स्टॉकहोम जल पुरस्कार जीता। राजेंद्र सिंह ने कहा कि वह एक स्थानीय गैर-सरकारी संगठन विश्वग्राम ट्रस्ट के माध्यम से बोनियार का दौरा करेंगे। वह पांच-छह दिन बोनियार से उड़ी तक पदयात्रा करेंगे।
इस दौरान वह लोगों से मिलेंगे और उनमें जल संरक्षण के संबंध में जागरूकता पैदा करेंगे। उन्होंने कहा कि अभी तारीख तय नहीं है, लेकिन वह ईद-उल-फितर के बाद आएंगे।
बोनियार में सूख रहे हैं झरने
उप जिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) उड़ी हरविंदर सिंह ने एक ट्वीट में इस बात की पुष्टि की। उन्होंने ट्वीट में लिखा, झरनों (विशेषकर बोनियार में) के सूखने की खबर मिल रही है। इसे रोकने के लिए राजेंद्र सिंह उड़ी-बोनियार का दौरा कर रहे हैं और जल संरक्षण के प्रयासों में हमारी मदद करेंगे।