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मानसून की बारिश बढ़ाएगी अमरनाथ यात्रियों की मुश्किलें

Sat, 20 May 2017 02:33 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रेयांश त्रिपाठी
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अमरनाथ यात्रा में बारिश का संकट - फोटो : file photo
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आगामी 29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा- 2017 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार यात्रा में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग में रामबन और बनिहाल का हिस्सा यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कड़ी चुनौती पेश कर सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मानसून के दौरान यह हिस्सा काफी संवेदनशील हो जाता है।
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मौजूदा वक्त में भी इस हाईवे को दोनों तरफ से बहाल नहीं किया जा सका है। गौरतलब है कि रामबन-बनिहाल के बीच पंथियाल, खूनी नाला, बैटरी चश्मा, मारोग, सेरी आदि क्षेत्र भूस्खलन और गिरते पत्थरों के लिए काफी संवेदनशील रहे हैं। अमूमन मानसून भारत के विभिन्न हिस्सों से होता हुआ जून के अंत में यहां पहुंचता है।

तेज बारिश के दौरान रामबन-बनिहाल के बीच हाईवे सबसे ज्यादा प्रभावित रहता है। जम्मू से पहलगाम का सफर 315 किलोमीटर का है। पारंपरिक पहलगाम रूट पर पहला पड़ाव 16 किलोमीटर दूरी चंदनबाड़ी में पड़ता है। इसके बाद पिस्सू टाप, शेषनाग, पंचतरणी से होते हुए पवित्र गुफा तक पहुंचा जाता है। बारिश की स्थिति में यह मार्ग काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
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चिनैनी-नाशरी टनल कराएगी सुरक्षित सफर का अहसास

Nashri Tunnel - फोटो : file photo
डीएसपी, हाईवे दिनेश गुप्ता के मुताबिक रामबन-बनिहाल के बीच कई हिस्सों में फोरलेन को एक्सटेंशन करने का काम हो रहा है। उम्मीद है यात्रा तक इसे डबल कर लिया जाएगा। यात्रियों के लिए वैष्णवी-सरस्वती धाम, जम्मू हाट, गीता भवन और राम मंदिर पुरानी मंडी में तत्काल पंजीकरण की सुविधा दी जाएगी। पहली बार आधार शिविर भगवती नगर के तीनों डारमेटरी हाल को वातानुकूलित किया जा रहा है। क्लाक रूम में लाकरों की संख्या दो सौ से बढ़ाकर चार सौ की जा रही है।

दूसरे रूट से अमरनाथ यात्रा का सफर जम्मू से बालटाल तक करीब 400 किलोमीटर का है। बालटाल से 14 किलोमीटर की सीधी चढ़ाई के बाद पवित्र गुफा तक पहुंचा जाता है। अमरनाथ यात्रा रूट पर आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से चिनैनी तक के करीब 75 किलोमीटर के सफर के बाद इस साल यात्रियों को आधुनिक चिनैनी-नाशरी (9.2 किलोमीटर) टनल में तो सुरक्षित सफर का मौका मिलेगा, लेकिन उसके आगे बारिश की सूरत में भूस्खलन या गिरते पत्थर यात्रियों की राह में चुनौती पेश कर सकते हैं।
 
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