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बारिश से गेहूं की बिजाई का काम लटका

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सांबा बारिश मे गुजरते लोग - फोटो : SAMBA
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आरएस पुरा। दो दिन से हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इससे धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। दूसरी तरफ गेहूं की बिजाई कर रहे किसानों के लिए भी बारिश के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश के चलते गेहूं की बिजाई का काम लटक गया है।
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सीमावर्ती किसान चौ. राज कुमार, रमेश लाल का कहना है कि दो दिन से हो रही बारिश के कारण धान की फसल को नुकसान पहुंचा, जिस कारण खेतों में बारिश का पानी जमा होने के कारण धान की फसल तबाह हो गई है। उन्होंने बताया कि पहले ही ओलावृष्टि तथा बारिश के कारण धान की फसल को नुकसान पहुंचा था और एक बार फिर से हो रही बारिश के कारण धान के साथ-साथ पशुओं के चारे व सब्जियों को भी नुकसान हुआ है। किसान हंसराज, बलवीर सिंह व जीत राज ने बताया कि बारिश के कारण गेहूं की बिजाई का कार्य भी अधर में लटक गया है। बारिश के कारण किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि जिन किसानों ने गेहूं लगाई थी इस बारिश से नुकसान पहुंचा है। जिन किसानों ने गेहूं लगानी थी अब समय निकलने पर उस वेरायटी का बीज नहीं लगा पाएंगे। जो इन दिनों लगाया जाता है।
राज्य किसान तहरीक के प्रधान किशोर कुमार का कहना है कि इस बार क्षेत्र के किसानों की पहले खेतो में खडी धान खराब हो गई अब गेहूं की बिजाई करने पर बारिश के चलते बीज बरबाद हो गया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि खराब फसल का किसानों को राहत राशि मुहैया कराई जाए लेकिन सरकार द्वारा 90 प्रतिशत फसल खराब होने पर राहत राशि मुहैया कराए जाने का प्रावधान रखा होने के लिए कहा जा रहा है। दूसरी ओर दूसरे दिन भी बारिश के चलते तापमान में गिरावट देखने को मिली है
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बारिश का पानी लोगों के घरों में घुसा
विजयपुर। लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। बारिश के कारण बिजली भी लगभग 15 घंट बंद रही। क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण गुड़ा मोड राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय तक पानी के कारण यातायात प्रभावित रहा। इस कारण कुछ लोग अपनी मंजिल पर समय पर नहीं पहुंच पाए। लोगों को इस परेशानी के कारण कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा क्षेत्र के गणमान्य लोगों का कहना है कि कि क्षेत्र के आसपास कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण कर रखा है, जिस कारण बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है और लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ जाता है। लोगों ने मांग की है कि अवैध रूप से हुए क्षेत्र में अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए। ताकि बारिश का पानी लोगों के घरों में न घुसे। बारिश से तापमान में भारी गिरावट आई है और सर्दी में इजाफा हुआ है। ब्यूरो
खेतों में भर गया पानी
ज्यौड़ियां। कंडी तथा पहाड़ी क्षेत्र के किसानों के लिए बारिश वरदान साबित हो रही है। वहीं क्षेत्र के मैदानी तथा निचले क्षेत्र के किसानों की मेहनत पर बारिश ने पानी फेर दिया है। किसानों के मुताबिक खेत पानी से भर गए हैं, और गेहूं की बीजी गई फसल बरबाद हो गई है।
किसान राकेश कुमार, करनैल सिंह तथा सरपंच विजय सिंह निवासी पलातन ने बताया कि धान की फसल के बाद गेहूं की फसल पर भी संकट के बाद छा गए हैं। किसानों ने बताया कि हमारा गेहूं की फसल पर भी अब एक हजार रुपये प्रति कनाल पर नुकसान हुआ है। चार पांच साल से हमारी खेतीबाड़ी घाटे में जा रही है। हम किसानों की मौसम ने कमर तोड़ दी है ।
किसानों ने बताया कि सरकार की तरफ से भी कोई भरपाई नहीं की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी हमारी फसल का जायजा लेने भी नहीं पहुंच रहा है। किसानों ने मांग की कि हमारे नुकसान की भरपाई की जाए ताकि हम लोग अगली फसल लगाने की हिम्मत कर सकें ।
मौसम खराब होने से किसानों की बढ़ी चिंता
रामगढ़। सीमावर्ती गांव नंदपुर, रंजीत पुरा, डग चन्नी, अवताल, हीराचक, पखड़ी, ब्रोटा, केशव, कनोट, के किसानों ने कहा कि वीरवार रात से हो रही बारिश से गेहूं की रोपाई नहीं हो पाएगी। कुछ दिन पहले ओलावृष्टि हुई थी जिससे धान की फसल खराब हो गई। उसके बाद वीरवार से हो रही बारिश ने हमारी नींद उड़ा दी है। हमें चिंता सता रही है कि अपने परिवारी का पेट कैसे भर पाएंगे। हमें पूरा विश्वास हो गया है कि गेहूं की फसल की रोपाई नहीं हो पाएगी। किसान नेता भगवान चौधरी, चेयरमैन दर्शन सिंह ने कहा कि हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि क्षेत्र के किसानों को जो नुकसान हुआ है उसका जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।
सर्दी से निजात पाने को आग का लिया सहारा
अखनूर। पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्र में बारिश से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का समाना करना पड़ा। वीरवार दोपहर मूसलाधार बारिश से सर्दी बढ़ गई। कई जगह लोगों को सर्दी से निजात पाने के लिए आग का सहारा लेना पड़ा। बारिश के चलते बाजार में लोगों की आवाजाही कम रही। सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवार वालों को उठानी पड़ी जो टेंट में रह रहे हैं। वहीं गेहूं की फसल के लिए नुकसानदेह हो गई है। बारिश से खेतों में पानी आ गया है। कई जगहों पर खेतों में पानी एकत्रित होने पर घान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि दो दिन से हो रही बारिश से धान और गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। ब्यूरो
रातभर ठप रही बिजली
आरएस पुरा/मीरां साहिब। उपजिले में वीरवार की रात बिजली ठप रहने पर लोगों को दिक्क्तों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार 11 बजे के करीब एक घंटे के लिए बिजली बहाल हुई और उसके बाद फिर बंद हो गई। शाम चार बजे बिजली एक बार फिर बहाल हुई। रातभर बिजली ठप रहने पर लोगों का कहना है कि बारिश होने पर कोई हवा नहीं चली, इसके बावजूद उपजिले के कस्बों व गांव में बिजली बंद रही।
मीरां साहिब के जगदीश राज ने कहा कि बिजली का ढांचा जर्जर होने पर कब बिजली सेवा ठप हो जाए कोई पता नहीं। रातभर बारिश के चलते जब लोगों को बिजली की जरूरत थी तब बंद होने पर सेवा बहाल करने के लिए विभाग द्वारा कोई प्रयास नहीं किया गया। अजय कुमार ने कहा कि बिजली विभाग के पास जरूरत के मुताबिक लाइनमैन तक नहीं हैं। कोई फाल्ट आने पर बिजली सेवा बहाल कर सकें। उन्होंने कहा कि बिजली किराये में कोई छूट उपभोक्ताओं को नहीं दी जाती और न ही सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति करने की व्यवस्था। राकेश शर्मा ने कहा कि गर्मी हो या सर्दी, बिजली सेवा चरमराई रहने पर उपभोक्ताओं को दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है। बिजली की तारें जर्जर होने पर इसे नहीं बदला जा रहा और न ही बिजली विभाग के पास कोई योजना है, जिससे लोगों को सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति की जाए।
बारिश से जनजीवन रहा प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
सांबा। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। ठंड में इजाफा होने से कस्बे के बाजार सूने रहे। मार्गों पर भी वाहन कम ही दिखे। सरकारी कार्यालयों में भी कर्मचारियों की संख्या कम रही। वीरवार सुबह से हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित होकर रह गया। नदी नालो में भी बाढ़ की स्थिति बन गई है।
दुकानदार रंजु, रमेश, अजय, नीरज के अनुसार शुक्रवार को दिन भर हुई बारिश से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में रहे। बाजारों में दुकानदारों ने आग जलाकर दिन व्यतीत किया।
बारिश से किसान चिंतित
किसान पहले से ही चिंता में थे। जब उनकी धान की फसल बारिश से नष्ट हो चुकी है। अब गेहूं की बिजाई का समय चल रहा है। ऐसे में बारिश ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। किसान करतार चंद, देव राज, मुल्ख राज आदि ने बताया कि कई किसानों ने गेहूं की फसल की बिजाई कर दी है, जबकि अन्य बिजाई के इंतजार में थे। बारिश ने उन्हें चिंतित कर दिया है। उन्होंने बताया की धान की बासमती फसल 80 प्रतिशत बरबाद हो चुकी है। अब गेहूं की फसल के लगने की भी उम्मीद कम है। ऐसे में किसानों का चिंता में डूबना स्वाभाविक है। उनका कहना है कि यही कारण है कि किसान अब खेती से मुंह मोड़ते जा रहे हैं।
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