रामगढ़ । सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों पर तीसरी बार इंद्र देवता की मार लगी है। पहली बार धान की फसल बारिश और ओलावृष्टि और तेज हवा के कारण खराब हुई । उसके बाद गेहूं की रोपाई का प्रभावित हुआ, और अब सब्जी और अन्य फसल पर पानी फेरा है। किसान मोर्चा जिला प्रधान रवी सिंह ने कहा कि शुक्रवार को बारिश के कारण काफी नुकसान हुआ है। इससे किसानों की नींद उड़ गई है। खेतों में बारिश का पानी भर गया है। लॉकडाउन के चलते सीमावर्ती क्षेत्र के किसान बाहर नहीं निकल रहें। संवाद
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झमाझम बारिस से किसान चिंतित
परगवाल। क्षेत्र के लोगों की शुक्रवार की सुबह तेज बारिश के साथ हूई। इससे लोगों के साथ-साथ किसान वर्ग ने गेहूं की फसल को लेकर चिंता जताई। किसानों का कहना था कि मौजूदा समय गेहूं की फसल को बारिश की नहीं बल्कि तेज धूप की दरकार है। बारिश से दूसरी परेशानी किसानों को मवेशियों को लेकर हुई। क्योंकि मवेशियों के लिए चारा लाने में उनको कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा। संवाद
ज्यौड़ियां। क्षेत्र में बीजी गई उड़द की दाल की फसल तथा मवेशियों के चारे का शुक्रवार सुबह 6 बजे से जारी बारिश से नुकसान हुआ है। किसानों के खेत पानी से भर गया है। किसानों ने बताया कि हमने अभी दो तीन दिन पहले ही आडू नामक उड़द की फसल तथा मवेशियों के चारे के लिए मक्की बीजी थी जो कि शुक्रवार को बारिश से नष्ट हो गई है। संवाद
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विजयपुर। क्षेत्र में हो रही बारिश और तेज हवा चलने के बाद बिजली बंद रही। वीरवार रात शुरू हुई आंधी और बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। बिजली न होने से कई इलाके अंधेरे में डूबे रहे। शुक्रवार को भी पूरा दिन ऐसा ही सिलसिला जारी रहा। बारिश से मौसम ने भी करवट बदली और सर्दी बढ़ गई है। संवाद
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बारिश से मक्की, मॉश और मूंग की फसल के बरबाद होने की आशंका
अरनिया। बूंदाबांदी के बाद शुरू हुई बारिश से मक्की, मॉश और मूंग की फसल बरबाद होेने की आशंका बढ़ गई है। वहीं समय निकलने पर फिर से इसकी रोपाई भी नहीं हो पाएगी। इस बार बेमौसम बारिश के चलते गेहूं की रोपाई चौपट होने के बाद ज्यादातर किसानों ने मक्की, मॉश और मूंग आदि की फसल बिजाई का मन बनाया था, मगर बारिश से पीछा न छटने पर वह भी नहीं हो सकी।
मंगत राम, हरनाम सिंह, राजिंद्र सिंह, नरेश सैनी, प्रकाश चंद, बलदेव सिंह आदि किसानों ने कहा कि करीब एक हफ्ते मौसम साफ रहने से करीब तीन चार पहले हमने इन फसलों की रोपाई कर दी थी। अंकुर भी फूट चुके हैं, मगर शुक्रवार को बारिश से इसके उत्पादन में करीब सत्तर से अस्सी प्रतिशत तक की कमी आएगी। देर शाम खबर लिखे जाने तक मूसलाधार बारिश जारी रही और खेतों में जलभराव शुरू हो चुका था। संवाद