ज्यौड़ियां। एसडीएम खौड़ अनिल कुमार ठाकुर ने मंगलवार को सीमावर्ती बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर जायजा लिया। सीमावर्ती गांव दड़खौड, पलातन, घिगडयाल, बदोवाल आदि गांवों में हाल ही में हो रही बारिश से पानी भर गया है। बारिश अभी जारी है।
पानी लोगों के घरों तक नहीं पहुंचे, इस लेकर एसडीएम अनिल कुमार ठाकुर ने अधिकारियों को गांवों के आसपास जमा पानी का जल्द निकास बना कर बाहर निकालने के निर्देश दिए। एसडीएम ने बताया कि यह सभी गांव उपजिले के निचले हिस्से के गांव हैं। ऊपरी क्षेत्र का बारिश का सारा पानी बह कर इन गांवों में चला आता है। हर बरसात में पानी इन गांवों के घरों तक पहुंच जाता है। लोगों का काफी नुकसान हो जाता है। इसलिए पहले जैसे हालात नहीं बनें, इसके लिए पहले से ही पानी का निकास किया जा रहा है। इस मौके पर उनके साथ सेना की 9 असम शाखा के सीओ, तहसीलदार खौड़, एईई पीडब्ल्यूडी, एईई बाढ़ नियंत्रण विभाग, एईई सिंचाई विभाग, ग्रेफ विभाग के अधिकारी,
थाना प्रभारी खौड़ आदि भी मौजूद रहे।
बादल छाए रहे, बूंदाबांदी होती रही
बाड़ी ब्राह्मणा। मंगलवार को सुबह से ही बादल और धूप की आंख मिचौली का खेल चलता रहा। क्षेत्र में ज्यादातर बादल छाए रहने से क्षेत्रवासियों को गर्मी से निजात मिली। लोगों ने मौसम का मजा लिया। बाजारों में दिन को भीड़ कम ही देखने को मिली। कभी कबार बादल इतने घने हो जाते कि लगता था कि बारिश अभी हो जाएगी, लेकिन अगर ऐसे ही बादल छाए रहे तो रात में बारिश होने के आसार दिखाई दे रहे हैं। संवाद
परगवाल में पक्के मकान का लेंटर गिरा
बाल-बाल बचे परिवार के सदस्य
परगवाल। सीमा क्षेत्र में मंगलवार की सुबह उस समय बड़ा हादसा होते-होते बच गया, जब पक्के मकान का लेंटर गिरने से एक ही परिवार के 5 लोग बाल-बाल बच गए। जिस समय लेंटर गिरा परिवार के सदस्य बाहर सेना की तरफ से दिये गए टेंट में सो रहे थे। लेंटर गिरने से कोई जानमाल का नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन घर के अंदर रखा सारा सामान टूट गया।
जानकारी के अनुसार जोगिंदर कुमार के बच्चों ने सोमवार को मकान के लेंटर गिरने की आशंका के चलते इसकी जानकारी तहसीलदार इम्तियाज को दी। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर मकान का जायजा लिया और लेंटर की जर्जर हालत को देखते हुए परिवार को मकान के अंदर न जाने की सलाह दी। तुरंत ही सेना को परिवार की मदद करने के लिए कहा। सेना ने सोमवार शाम को ही परिवार को टेंट मुहैया करा दिया। जिस समय यह हादसा हुआ उस समय परिवार टेंट में सोया हुआ था, जिस कारण बड़ा हादसा होते-होते बच गया। अपने खून पसीने की कमाई से बनाए मकान का लेंटर गिरने से जोगिंदर कुमार का रो-रोकर बुरा हाल था। सुरेंद्र मजदूरी कर परिवार का पेट पालते हैं। जोगिंदर कुमार पत्नी दो बेटे और एक बेटी के साथ रहते हैं, जबकि दो बेटियों की वह शादी कर चुके हैं।
मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार संसार सिंह का कहना था कि तहसीलदार की उपायुक्त से इस बारे में बात हुई है। पीड़ित परिवार को राशन, टेंट और नकद राहत राशि दी जाएगी। अगर परिवार चाहे तो उनको कुछ दिन के लिए सुरक्षित स्थान भी उपलब्ध कराया जाएगा। आगे भी जितनी मदद होगी, की जाएगी।
दिन भर छाए रहे बादल, बारिश का होता रहा इंतजार
अरनिया। मंगलवार को दिन भर बादल छाए रहे। लोगों को बारिश फिर भी नसीब नहीं हुई। हालांकि सुबह करीब साढे़ दस बजे आधा घंटा हल्की फुहार जरूर होती रही। मौसम विभाग के भारी बारिश की चेतावनी के बाद भी अरनिया क्षेत्र भारी व झमाझम बारिश से मंगलवार को भी वंचित रहा, जिससे पूरा दिन किसानों सहित लोग भी बारिश का इंतजार करते रहे।
वहीं सोमवार को भी सुबह दस बजे हल्की बारिश थमने के बाद रात को भी बारिश नहीं गिरी, मगर मंगलवार सुबह साढ़े बजे मात्र आध घंटा तक जारी हल्की फुहार से लोगों को संतुष्ट होना पड़ा। स्थानीय किसानों के अनुसार सोमवार सहित मंगलवार को भी बारिश की काफी उम्मीद थी, मगर निराशा ही हाथ लगी। सोमवार की बनिस्बत मंगलवार को उमस में थोड़ी कमी जरूर पाई गई। देर शाम खबर लिखे जाने तक सोमवार की तरह मंगलवार को भी आसमान पर बादल छाए रहे, मगर फिलहाल बारिश की उम्मीद नहीं दिखी।