उधमपुर। पिछले दिनों हुई भारी बारिश ने उधमपुर जिले के किसानों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। 26 अगस्त से शुरू हुई इस प्राकृतिक आपदा में लगभग 46,500 किसान प्रभावित हुए हैं और 20 हजार हेक्टेयर से अधिक उपजाऊ भूमि को नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इससे कुल 18 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
रामनगर, चिनैनी और उधमपुर क्षेत्रों में किसानों की फसलें तबाह हो गई हैं जबकि जगानू, रांगी, मोंगरी जैसे इलाकों में तवी नदी और चिनाब नदी के तेज बहाव में कई किसानों की जमीनें बह गईं। कुछ किसानों को बेघर भी होना पड़ा। विशेष रूप से चिनैनी की पंचायत बांइ के रांगी गांव में 19 किसान परिवारों की लगभग 100 कनाल भूमि भूस्खलन से नष्ट हो गई, जबकि ब्लॉक नरसू के थर्ड क्षेत्र में 35 परिवारों की 162 कनाल भूमि बर्बाद हो गई।
कृषि विभाग ने नुकसान का आकलन कर जिला प्रशासन को रिपोर्ट सौंप दी है और फसल मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, मोंगरी, लाटी जैसे दूरदराज के इलाकों में सड़क संपर्क कटने के कारण अभी भी पूर्ण सर्वेक्षण बाकी है, जिससे नुकसान के आंकड़े और बढ़ सकते हैं।
कृषि मुख्य अधिकारी हरबंस लाल ने बताया कि प्रभावित किसानों को उनके खाते में मुआवजा राशि जमा की जाएगी। साथ ही, उन्हें कृषि योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए समग्र विकास और जेकेसीआईपी कार्यक्रमों के तहत पंजीकरण भी कराया जा रहा है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि केवल जमीन के कानूनी मालिकाना हक रखने वाले किसानों को ही भूमि के नुकसान का मुआवजा मिल सकेगा।