प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के बाद भी दक्षिणी कश्मीर में आतंकी हमले रूक नहीं रहे हैं। आतंकी अपनी मौजूदगी लगातार दर्ज करा रहे हैं।
सोमवार रात बीएसएफ के जवानों को आतंकियों ने निशाना बनाया और उसके बाद दूसरे आतंकी हमले में एक रेलवे पुलिस का जवान शहीद हो गया। दोनों घटनाओं को देखते हुए कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में आज शाम आतंकियों ने अवंतिपुरा रेलवे स्टेशन के करीब ट्रैक नंबर 40 की सुरक्षा में तैनात जीआरपी के एक कांस्टेबल को नजदीक से गोली मार दी।
कांस्टेबल राजिंदर सिंह को लगी तीन गोलियां
हमले के दौरान कांस्टेबल राजिंदर सिंह (बेल्ट नंबर 337/जीआरपी) को तीन गोलियां लगी हैं, जिनमें से दो गोलियां पैर और एक गले में।
गोलियों की आवाज सुनते ही आसपास के पुलिस जवान और स्थानीय घटनास्थल पर पहुंचे और कांस्टेबल राजिंदर सिंह को खून से लथपथ जमीन पर गिरा पाया।
उसे तुरंत पाम्पोर के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। घटना के तुरंत बाद इलाके में जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप और सीआरपीएफ के जवानों ने आतंकियों की तलाश बड़े पैमाने पर शुरू कर दी।
राजिंदर सिंह दक्षिणी कश्मीर के त्राल इलाके का रहने वाला था। उसके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है।
सड़क के दोनों ओर से गोलियां चलाई
गौरतलब है कि आतंकियों ने सोमवार देर रात बीएसएफ के काफिले पर दक्षिणी कश्मीर के पाम्पोर इलाके में हमला बोला था, जिसमें सात बीएसएफ के जवान घायल हो गए थे। घायलों में एक असिस्टेंट कमांडेंट भी शामिल है।
पहले से घात लगाए बैठे आतंकियों ने चंदनवाड़ी से अमरनाथ यात्रा ड्यूटी संपन्न कर पंथा चौक कैंप की ओर लौट रहे बीएसएफ काफिले पर सड़क के दोनों ओर से गोलियां चलाई थी और अंधेरे का फायदा उठाते हुए घटना स्थल से फरार हो गए थे।
घायलों का इलाज सेना के बदामीबाग़ छावनी स्थित 92 बेस अस्पताल में चल रहा है। घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सेना की वर्दी में थे आतंकी
पुलिस के अधिकारिक सूत्रों अनुसार, सोमवार देर रात बीएसएफ काफिले पर हुए हमले में शुरूआती पूछताछ में अब तक यह बात सामने आई है कि आतंकी सेना की वर्दी में थे और उनकी संख्या छह के करीब थी।
फिलहाल दोनों हमलों की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।