जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दो पन बिजली परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार का आभार प्रकट किया है। साथ ही उन्होंने कारगिल जिले में हवाई सेवा शुरू करने की मांग भी प्रधानमंत्री के समक्ष उठाई।
उमर प्रधानमंत्री के लद्दाख पहुंचने पर उनका स्वागत करने लेह पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने लेह और कारगिल में आयोजित जनसभाओं में कहा कि इसमें दो राय नहीं हैं कि अगर केंद्र सरकार ने धन मुहैया नहीं करवाया होता तो यह पन बिजली परियोजनाएं कभी पूरी नहीं हो पाती।
इसके लिए हम पूर्व यूपीए सरकार विशेषकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के भी आभारी हैं। उन्होंने इन योजनाओं को प्राइम मिनिस्टर रिकंस्ट्रक्शन प्रोगाम(पीएमआरपी) के तहत आरम्भ ही नहीं करवाया बल्कि इसे अंजाम तक पहुंचाने तक धन भी मुहैया करवाया।
कारगिल को हवाई सेवा से जोड़ने की अपील
उमर ने लेह तथा कारगिल जिलों की तुलना विश्व के खूबसूरत स्थलों से करते हुए कहा कि सर्दी के मौसम में देश के दूसरे भागों से क्षेत्र के कट जाने से लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
हवाई मार्ग ही आने जाने का एकमात्र साधन रहता है, लेकिन कारगिल जिले में अभी हवाई सेवा नहीं, जबकि लेह में यह आम नागरिकों के लिए काफी महंगी साबित हो रही है। जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जोजिला पास पर सुरंग का काम चल रहा है, लेकिन इसके पूरा होने में काफी वक्त लगेगा, इसलिए हम प्रधानमंत्री से इस जिले को हवाई सेवा से जोड़ने के अपील करते हैं ताकि यहां के लोग भी जरूरत पड़ने पर इस सेवा का इस्तेमाल कर सकें।
'देश भक्त और बहादुर हैं कारगिल के लोग'
मुख्यमंत्री ने कारगिल के लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य की दो दशकों से भी अधिक समय की खराब स्थिति के दौरान यहां के युवकों को शरारती तत्वों द्वारा गलत रास्ते पर चलने के लिए उकसाने के काफी प्रयास किए गए।
लेकिन क्षेत्र के युवकों की तारीफ करना चाहूंगा कि उन्होंने किसी भी बहकावे में न आते हुए इस जाल में फंसने से साफ इंकार कर दिया।
देशभक्ति की भावना तथा बहादुरी के लिए मैं इनकी प्रशंसा करना चाहूंगा। इससे पूर्व उन्होंने राज्यपाल एनएन वोहरा के साथ लेह में प्रधानमंत्री का स्वागत किया।