- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बिहार के सवा लाख से ज्यादा लोग रहते हैं
- अभी जम्मू से बिहार के विभिन्न जिलों को जाने के लिए मात्र पांच ट्रेनें चल रहीं
- दीपावली और महापर्व छठ पर घर जाने के लिए नहीं मिल रहा टिकट
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 1.25 लाख से ज्यादा सरकारी एवं गैर सरकारी क्षेेत्र में कार्यरत बिहार के लोग रहते हैं। बिहार के लोग साल भर कहीं भी रहे लेकिन महापर्व छठ मनानेे अपने घर ही जाना पसंद करते हैं। इस बार दीपावली के तत्काल बाद छठ पर्व होने के चलते ट्रेन से घर जाने के लिए मारामारी मची हुई है।
कन्फर्म टिकट नहीं मिलने से परेशान हैं। जम्मू से बिहार की तरफ जाने वाली गिनती की ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी मिलना मुश्किल है। जम्मू-कश्मीर में जम्मू मेंं सर्वाधिक करीब एक लाख बिहारी रहते हैं। इसके बाद कश्मीर और लद्दाख में 25 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। 20/21 अक्तूबर को दीपावली के तत्काल बाद 23 अक्तूबर से सूर्य उपासना का महापर्व छठ शुरू हो जाएगा जो 29 अक्तूबर तक चलेगा। इस पर्व को मनाने के लिए बिहार जाने को लोग परेशान हैं लेकिन कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है।
बिहार सेवा समिति जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष संजय पोद्दार बताते हैं कि यहां अधिकतर लोग बिहार के आरा, छपरा, सिवान, गोपालगंज, मैरवा और मुजफ्फरपुर समेत अन्य जिलों के रहने वाले हैं। बताते हैं कि जम्मू से दो-तीन बस रोजाना बिहार को जाती है लेकिन दीपावली और छठ पर यात्रियों को पहुंचाने में नाकाफी साबित हो रही है।
कहते हैं कि अगर आधा दर्जन फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चल जाए तो काफी राहत मिलेगी।
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अभी रुटीन में जम्मू से बिहार जाती हैं ये ट्रेनें
- 14692 मोरध्वज एक्सप्रेस, बरौनी तक
- 15654 अमरनाथ एक्सप्रेस, गुवाहटी तक
- 12356 अर्चना एक्सप्रेस, पटना तक
- 12332 हिमगिरी एक्सप्रेस, हावड़ा तक
- 15098 अमरनाथ एक्सप्रेसख, भागलपुर तक