- शाम 05:53 बजे से लेकर 07:08 बजे तक होगा पूजन
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। अहोई अष्टमी का व्रत सोमवार को है। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। महिलाएं संतान की दीर्घायु व परिवार में सुख-शांति के लिए निर्जला उपवास रखती हैं और माता अहोई की पूजा करती हैं। महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष अहोई अष्टमी व्रत (चंद्रोदय व्यापिनी) 13 अक्तूबर को है। पूजन का शुभ समय शाम 5:53 बजे से 7:08 बजे तक है। शास्त्रों के अनुसार यह व्रत संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, परिवार की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की मंगलकामना के लिए अहोई माता (पार्वती जी) का पूजन करके किया जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ निःसंतान महिलाएं संतान प्राप्ति की कामना से भी यह व्रत रखती हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं।