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Jammu News: ट्रेन मैनेजरों के रिफ्रेशर कोर्स में अब पास-फेल नहीं, ग्रेडिंग से होगा मूल्यांकन

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- 80 या अधिक अंक पर ग्रेड ए, 60 से कम पर ग्रेड सी, बी और सी ग्रेड वालों की होगी काउंसलिंग
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- रेलवे बोर्ड के नए निर्देश लागू, प्रत्येक ट्रेन मैनेजर के पांच मूल्यांकनों का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य
एचपी चौहान
जम्मू। रेलवे में ट्रेन मैनेजरों (गार्डों) के रिफ्रेशर प्रशिक्षण के मूल्यांकन की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। रेलवे बोर्ड ने रिफ्रेशर कोर्स पूरा करने के बाद लागू पारंपरिक उत्तीर्ण-अनुत्तीर्ण प्रणाली को समाप्त कर ग्रेड-आधारित मूल्यांकन प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। रेलवे बोर्ड की उपनिदेशक अवस्थापना एवं प्रशिक्षण नीलम शर्मा की ओर से 13 अक्तूबर को जारी आदेश तत्काली प्रभाव से सभी रेलवे जोन में लागू होगा।
जारी आदेश के मुताबिक नई मूल्यांकन प्रणाली के तहत ट्रेन मैनेजरों को उनके प्रदर्शन के आधार पर तीन श्रेणियों में रखा जाएगा। 80 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वालों को ग्रेड ए, 60 से 80 अंक से कम प्राप्त करने वालों को ग्रेड बी और 60 अंक से कम प्राप्त करने वालों को ग्रेड सी दिया जाएगा।
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ग्रेड बी और सी वालों के लिए अलग व्यवस्था
रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिया है कि ग्रेड बी प्राप्त करने वाले ट्रेन मैनेजरों को लॉबी प्रभारी, स्टेशन प्रबंधक अथवा संबंधित पर्यवेक्षक नियमित रूप से परामर्श देंगे। इस काउंसलिंग का रिकॉर्ड लॉबी स्तर पर रखा जाएगा तथा इसकी समेकित रिपोर्ट समय-समय पर मंडल कार्यालय को भेजी जाएगी। वहीं, ग्रेड सी प्राप्त करने वाले ट्रेन मैनेजरों को विशेष निगरानी में रखा जाएगा। उनके लिए मंडल स्तर पर व्यवस्थित काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा सुरक्षा सेमिनारों, सुरक्षा अभियानों और अन्य परामर्श कार्यक्रमों में उनकी अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि उनकी कार्यक्षमता और सुरक्षा संबंधी दक्षता में सुधार किया जा सके।
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पांच मूल्यांकनों का रिकॉर्ड जरूरी
प्रत्येक ट्रेन मैनेजर के लगातार पांच मूल्यांकनों का रिकॉर्ड रखा जाएगा और हर मूल्यांकन की पुष्टि कर्मचारी से कराई जाएगी। रिकॉर्ड और योग्यता प्रमाणपत्र अगले रिफ्रेशर कोर्स के समय प्रशिक्षण केंद्र भेजे जाएंगे। ग्रेडिंग अगले रिफ्रेशर कोर्स तक मान्य रहेगी। रेलवे बोर्ड ने काकोडकर समिति की सिफारिशों के अनुरूप यह बदलाव किया है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण में सुधार, कमियों की पहचान और रेल परिचालन में सुरक्षा मजबूत करना है।
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सुरक्षा मानकों को मजबूत करना उद्देश्य
रेलवे बोर्ड ने यह कदम उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा समिति, जिसे काकोडकर समिति के नाम से जाना जाता है, की सिफारिशों पर उठाया है। बोर्ड के अनुसार, नई व्यवस्था से ट्रेन मैनेजरों के मूल्यांकन को अधिक व्यवस्थित बनाने, परिचालन कर्मचारियों के बीच मूल्यांकन प्रणाली में एकरूपता लाने और ट्रेन संचालन में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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