अचानक से टक्कर लगने के बाद जिप्सी रुक जाने पर भीड़ ने उसे घेर लिया और जान का खतरा देख ड्राइवर ने जिप्सी भगाने का प्रयास किया जिसकी चपेट में आकर तीन युवा घायल हो गए। घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह प्रदर्शन काफी देर तक जारी रहा।
गौरतलब है कि इससे पूर्व अपनी तकरीर के दौरान मीरवाईज मोलवी उमर फारूक ने जामिया मस्जिद में कहा कि पिछले करीब 90 साल से जामिया मस्जिद तशादुद का शिकार बनती आई है। कभी डोगरा राज में, कभी सिख राज में और अब भारतीय सरकार द्वारा आए दिन इसे निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने गत शुक्रवार को मस्जिद परिसर के अंदर इस्तेमाल किए गए बल की निंदा की, और कहा कि जो मंसूबे हुकूमत के हैं उन्हें कामयाब नहीं होने देंगे। मीरवाईज ने कहा कि जितना यह दबाने की कोशिश करेंगे, हम उतना इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जामिया से हमेशा अपने हक मांगने की आवाज उठती रहेगी। मरते दम तक जामिया के तकादुस को ठेस नहीं पहुंचने देंगे।