पति की शव देखते ही बिलख पड़ी पत्नी
- फोटो : संजय कुमार
सेब की लाली के लिए प्रसिद्ध शोपियां का सेब का बगीचा शनिवार की पूरण कृष्ण भट के खून से लाल हो गया। शोपियां में बगीचे में सेब तोड़ने में भाई की मदद करने गए पूरण भट की आतंकियों ने हत्या कर दी। वह तीन दिन पहले ही जम्मू से शोपियां गया था। परिवार में पत्नी और दो बच्चे जम्मू के मुट्ठी स्थित घर में रहते हैं।
हत्या की खबर से पूरे मुट्ठी क्षेत्र में शोक की लहर है। शनिवार देर रात मृतक का शव मुट्ठी पहुंचा। रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। पूरण भट के रिश्तेदारों ने बताया कि वह शोपियां में ही रहता था। 2020 में कोविड फैलने के बाद पत्नी और बच्चों के साथ जम्मू आया था। इसके बाद शोपियां आना जाना लगा रहता था।
शनिवार को मानवता और शांति के दुश्मनों ने एक और घर उजाड़ दिया। पूरण भट के दो बच्चे हैं, जिनमें लड़का पांचवीं और लड़की सातवीं कक्षा में पढ़ती है। पति की हत्या की खबर सुनकर पत्नी और बच्चे सदमे में हैं। मृतक के घर में मौजूद लोगों ने कहा कि लक्षित हत्याएं रोकने के लिए सरकार कुछ नहीं कर रही है।
कश्मीरी पंडित मर रहे हैं और सरकार सिर्फ ट्वीट कर रही है। अब समय आ गया कि सरकार को कठोर कदम उठाने होंगे। मृतक के रिश्तेदारों को सांत्वना देने के लिए मंडलायुक्त जम्मू रमेश कुमार, एडीजी पुलिस मुकेश सिंह, डीसी अवनी लवासा व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों सहित राजनीतिक दलों के लोग भी पहुंचे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष रमन भल्ला ने कहा कि यह गृह मंत्रालय की विफलता है। घाटी में लगातार लक्षित हत्याएं हो रही हैं। कानून व्यवस्था खराब होती जा रही है। पार्टी लक्षित हत्याओं की निंदा करती है। आम आदमी पार्टी ने भी इस घटना की निंदा की। पार्टी ने कहा एलजी प्रशासन हालात सामान्य होने की बातें करता है, लेकिन घाटी में स्थिति सामान्य नहीं है। कश्मीरी पंडितों की हत्याएं हो रही हैं।