तुम्हारे पिता ने देश के लिए जान दी। देश का नाम रोशन किया। तुम लोग भी अच्छे से पढ़ाई करो और देश की सेवा में जुट जाओ। देश की रक्षा के लिए भारतीय सेना का जवान बनो, अफसर बनो। जरूरत पड़े तो पिता की तरह देश के लिए जान कुर्बान कर दो। यह शिक्षा जम्मू के सुंजवां की रहने वाली शाजिया कौसर अपने बच्चों को दे रही हैं। शाजिया के शौहर नासिर अहमद पुलवामा हमले में शहीद हो गए थे।
शाजिया कहती हैं कि जो चला गया है, वो वापस लौट कर नहीं आ सकता। न ही उनकी कमी कोई पूरा कर सकता है। लेकिन जिस तरह से उनके शौहर ने देश के लिए जान दी और देश का नाम रोशन किया। वह चाहती हैं कि उनका बेटा और बेटी इसी तरह से देश सेवा के रास्ते चलकर नाम रोशन करें।
पति की मौत के बाद ऐसा लगता था जैसे सबकुछ खत्म हो गया। बच्चे भी पिता के बिना डिप्रेशन में हैं। वह अपने पिता को भुला नहीं पा रहे। लेकिन फिर भी उनका यही जोर है कि बच्चे पढ़ें और पिता की तरह सुरक्षाबल का हिस्सा बनकर देश की सेवा करें।
आतंकी मुल्क पर हो कड़ी कार्रवाई
शाजिया का कहना है कि पाकिस्तान हमेशा ही आतंकवाद को बढ़ावा देता है। भारत सरकार को आतंकी मुल्क पाकिस्तान पर जो कार्रवाई जायज लगे वो की जानी चाहिए। फिर चाहे वह कार्रवाई कुछ भी क्या न हो।