इस हमले की साजिश में मसूद समेत 19 लोग थे। जिनमें से 6 को मार दिया गया। महिला समेत बाकी बचे 13 साजिशकर्ता अब भी जिंदा हैं। इनमें से 5 पाकिस्तान में हैं, जबकि 8 अपने देश की जेलों में बंद हैं। मसूद का भाई रऊफ अजहर, चचेरा भाई अम्मार अलवी और वर्ष 2000 कंधार हवाई कांड के आरोपी इब्राहिम अत्तर का बेटा उमर फारूक भी इस साजिश का हिस्सा थे। हालांकि इनमें से फारूक मारा जा चुका है। जम्मू कश्मीर पुलिस के पूर्व डीजीपी का कहना है कि जब तक मसूद जिंदा रहेगा। पुलवामा जैसी साजिशें होती रहेंगी। पाकिस्तान कभी भी मसूद को भारत के हवाले नहीं करेगा। लिहाजा भारत को ठीक हमास जैसी कार्रवाई करनी पड़ेगी। पाकिस्तान में घुसकर मसूद को मारना होगा। पुलवामा हमले के बाद भी जैश ए मोहम्मद ने जम्मू के सुजवां, झज्जर कोटली, कठुआ, डोडा, राजोरी और पुंछ में बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। इसे खत्म करना होगा।