जम्मू-कश्मीर में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ-साथ होने पर संशय है। बताते हैं कि पुलवामा हमले के बाद उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने दोनों चुनाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था का सवाल उठाया है।
हालांकि, इस संबंध में चुनाव आयोग की टीम रियासत का दौरा कर अंतिम निर्णय लेगी। सूत्रों का कहना है कि आयोग की टीम मार्च के पहले सप्ताह में राज्य का दौरा कर सकती है।
इस दौरान वह जम्मू व श्रीनगर दोनों ही स्थानों पर जमीनी स्तर पर सुरक्षा का आकलन करेगी। अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं से भी बात कर उनकी राय लेगी।
सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल सचिवालय तथा गृह विभाग दोनों की ओर से यह कहा गया है कि दोनों चुनाव साथ-साथ कराने पर सुरक्षा व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
विधानसभा चुनाव में काफी अधिक प्रत्याशी होंगे। ऐसे में उन्हें लोकसभा प्रत्याशियों के साथ सुरक्षा देने में दिक्कतें आ सकती हैं।