तमाला नाले पर पुल बनाने मांग फिर तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि स्थानीय विधायक इस पुल को लेकर जल्द अपनी स्थिति स्पष्ट करें। गौरतलब है कि तमाला नाले पर पुल नहीं होने की वजह से बरसात के दिनोें में लगभग 25 सीमांत गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट जाता है। इसकी वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
सीमांत पंचायत हलका चंगिया, तरेबा, जब्बोयाल आदि के लोगों को कसबा अरनियां व मुख्य सड़क तक पहुंचने का यही एकमात्र मार्ग है। चंगिया के सरपंच डा. रघुवीर सिंह का कहना है कि सीमा पर बसर करना वैसे भी हिम्मत का काम है। कभी सिंचाई के अभाव में फसलें सूख जाती हैं, तो कभी गोलाबारी की वजह से जान आफत में पड़ जाती है।
नाले पर पुल न होने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात मेें नाला उफान पर आते ही सभी की चिंता बढ़ जाती है। तरेबा के सरपंच जगदीश राज, पंच बोधराज, प्रवीण कुमार, दर्शना देवी, सोमनाथ, यशपाल का कहना है कि पुल निर्माण को लेकर दो-तीन दफा प्रयास हुए, लेकिन कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ।
इस बार पांच दिन तक मुख्य मार्ग से संपर्क कटा रहा। सरपंच का कहना है कि विधायक इस पुल को लेकर स्थिति स्पष्ट करें, ताकि लोगों को पुल बनने के बारे में सही जानकारी मिल सके। वहीं विधायक अश्वनी शर्मा का कहना है कि पुल का प्रोजेक्ट तैयार है। प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।