अरनिया। केंद्र सरकार की तरफ से चलाए गए बैक-टू-विलेज कार्यक्रम-एक और दो की शुरुआत कर विकास का दावा किया जा रहा है। मगर जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही है। ऐसा ही एक मामला अरनिया ब्लॉक के गांव किर्च पुर में सामने आया है। इस गांव में विकास के नाम पर दोनों चरणों में बैक-टू-विलेज के बारे में लोगों को बताया गया। मगर अब भी यह गांव मुख्य समस्या से जूझ रहा है।
अरनिया ब्लाक के पंचायत हल्का कठार के गांव किर्चपुर में एक तालाब है। उसकी कहीं से भी निकासी न होने से उक्त तालाब किनारे बसे घरों के अलावा पूरे गांव को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर शनिवार को लोगों ने खंड विकास कार्यालय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। गांव वासियों ने बताया कि घरों से निकलने वाले पानी की निकासी इसी तालाब तक सीमित है, जबकि तालाब से आगे की निकासी न होने से सारा पानी इसी तालाब में जमा हो जाता है, जिससे आने जाने वालों को बदबू का सामना तो करना पड़ता है। सबसे अधिक समस्या तालाब के किनारे रहने वाले लोगों को होती है।
कृष्णा देवी, चंचला देवी, विजय कुमार व दर्शन लाल आदि ने कहा कि तालाब में पानी जमा रहने से हमें घरों से बाहर पांव रखने के लिए भी इसी गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे कई बार जन प्रतिनिधियों को अवगत कराया। फिर इस समस्या का निवारण नहीं किया गया। यहां तक कि पंचायत की नायब सरपंच भी इसी गांव की हैं। उन्होंने भी कई बाद इस समस्य को उठाया, मगर कोई लाभ नहीं हुआ।
नायब सरपंच ने बताया कि बैक टू विलेज कार्यक्रम में कई बार अधिकारियों इस समस्या को रूबरू कराया गया है। उन्होंने भी अभी तक कोई सुध नहीं ली। अगर दो सप्ताह तक कोई हल नहीं किया गया तो ग्रामीणों को मजबूरन राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करना पडे़गा, जिसकी जिम्मेदारी खुद प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में विजय कुमार, पूर्ण चंद, दर्शन लाल, रवि कुमार, कृष्णो देवी, संजीव कुमार सहित अन्य लोग शामिल रहे। वहीं खंड विकास अधिकारी सोनिका सुधन से इस बारे में सवाल किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।