आरएस पुरा। सुचेतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सीमावर्ती गांव घराना व घरानी के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से रोष पाया जा रहा है। ग्रामीणों को कहना है कि एक डॉक्टर दो पैरामेडिकल अधिकारियों सहित कुल 4 कर्मियों की यह होने पर भी मात्रा एक ही कर्मी जो कि पैरामेडिकल है। उसी के सहारे लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जो कार्य डॉक्टर को करना होता है, उसके लिए पैरामेडिकल कर्मी पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। गांव की पंचायत के सरपंच गुरुदयाल सिंह मजोत्रा का कहना है कि ब्लॉक मेडिकल अधिकारी से डॉक्टर की सेवाएं न मिलने पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस समय अधिक लोड होने पर डॉक्टर को किसी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। सरपंच गुरुदयाल का कहना है कि विभाग को कम-से-कम डॉक्टर की सेवा उपलब्ध करानी चाहिए ताकि क्षेत्र के ग्रामीणों को आ रही दिक्कतों से राहत मिल सके।
सरपंच का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में न तो जरूरत के मुताबिक दवाइयां हैं और न ही कर्मी और ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधा मुहैया कराए जाने के लिए सरकार द्वारा कहा जाता है। हालत यह भी है कि वहां पर नियुक्त डॉक्टरों को ही दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक से मिलकर उन्हें अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद भी कोई समाधान नहीं हो पा रहा। जब भी पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जाता है अधिकतर सीमावर्ती ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में दूरदराज गांव होने पर जहां पर स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर की नियुक्ति की जानी चाहिए ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य जा मिलने पर राहत मिल सके।
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फिलहाल उन्होंने इस स्वास्थ्य केंद्र पर सप्ताह में तीन दिन तक डॉक्टर की सेवाएं मुहैया कराई जाने की व्यवस्था की है। इस समय कोरोना महामारी के चलते आरएस पुरा के उपजिला में भी डॉक्टरों की के पद रिक्त पड़े हुए हैं। ऐसे में डॉक्टरों को सप्ताह में कम से कम तीन दिन तक ऐसे स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा जा रहा है ताकि यहां के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
-सतीश कुमार, ब्लॉक मेडिकल अधिकारी, आरएस पुरा