राज्यपाल एनएन वोहरा द्वारा जम्मू कश्मीर पंचायत राज संशोधन आर्डिनेंस 2017 को मंजूरी दिए जाने का पूर्व सरपंचों और पंचों के प्रमुख संगठन ऑल जम्मू कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस ने कड़ा विरोध किया है। कांफ्रेंस के प्रधान अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार ने जम्मू-कश्मीर में पंचायत राज की गरिमा को कम करने का काम किया है। सरकार को टकराव का रास्ता छोड़ वार्ता के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आर्डिनेंस के माध्यम से राज्य के लोगों के सरपंच को चुनने के लोकतांत्रिक अधिकार को छीना गया है। आर्डिनेंस के तहत मतदाता सरपंच को नहीं चुन पाएंगे। वह केवल वार्ड स्तर पर पंच को चुन पाएंगे और पंच फिर सरपंच को चुनेंगे। राज्य सरकार मतदाताओं से अधिकार छीन रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने रियासत में पंचायत चुनाव करवाने के समय पर भी नाखुशी जताते हुए कहा कि अगर सरकार को लग रहा है कि पंचायत चुनाव के लिए समय ठीक है तो फिर पहले अनंतनाग लोकसभा का उप चुनाव करवाना चाहिए। जल्दबाजी में चुनाव करवाने से पूर्व सरकार को सभी हितधारकों से बातचीत करनी चाहिए।
उन्होंने पिछले छह साल में रियासत में बीस निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों की हुई हत्या के लिए भी राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि जल्द ही जम्मू में पंचायत कांफ्रेंस की कोर कमेटी की बैठक होगी जिसमें सरकार के फैसलों के खिलाफ रणनीति का एलान किया जाएगा।