उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के पलहालन इलाके में सोमवार को सुरक्षाबल की फायरिंग में 12वीं कक्षा के छात्र फारूक अहमद भट की मौत हो गई थी। इसके विरोध में मंगलवार को अलगाववादियों ने कश्मीर बंद का आह्वान किया था। इस दौरान श्रीनगर के कुछ क्षेत्रों के अलावा सोपोर और पलहालन में कर्फ्यू जैसी स्थिति रही।
इससे कारोबारी इदारे बंद रहे। सड़कों से यातायात भी गायब दिखा। जानकारी के अनुसार बंद के आह्वान के मद्देनजर एहतियातन श्रीनगर के खानयार, रैनावारी, नौहट्टा, एमआर गंज, सफाकदल और माईसुमा थाना क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी।
हालात की गंभीरता को देखते पलहालन की ओर जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया था। इलाके में सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। इन सबके बावजूद बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने मृतक युवक फारूक अहमद भट के नमाज-ए-जनाजा में भाग लिया।
इसके तुरंत बाद इलाके के युवाओं और सुरक्षा बलों के बीच भिड़ंत शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया। प्रदर्शन को उग्र होते देख सुरक्षाबल के जवानों ने आंसू गैस के गोले दागे गए, ताकि स्थिति को काबू किया जा सके। भिड़ंत कई घंटे तक जारी रही। इस दौरान दो स्थानीय युवक घायल हुए, जबकि जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक एएसआई और दो अन्य जवान भी जख्मी हुए।
स्थिति को काबू से बाहर होते देख प्रशासन ने पलहालन समेत सोपोर इलाके में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लागू की। इसके अलावा कश्मीर घाटी के अनंतनाग, शोपियां, पुलवामा, त्राल, पंपोर, बड़गाम, बीरवाह, चाडोरा, गांदरबल, कंगन, बारामुला, हंदवाड़ा और कुपवाड़ा में भी बंद का असर देखने को मिला।