अरनास में खनन विभाग के खिलाफ नारेेबाजी करते हुए विभिन्न स्थानों से आए हुए जनप्रतिनिधियों ने धरना दिया। शनिवार सुबह से दोपहर तक चले धरना-प्रदर्शन में जिला खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर संदेह जताते हुए जांच की मांग हुई।
धरने में शामिल लोगों ने कहा कि खनन विभाग ने जिस स्थान पर माइनिंग का ब्लॉक खोला है, सबसे पहले उस जगह की निशानदेही की जाए। उक्त स्थान पर एनएचपीसी का अधिकार है या फिर मछली पालन विभाग का। इसके बारे में जानकारी सार्वजनिक की जाए। किसी भी विभाग से एनओसी नहीं ली गई है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जगह की बिना निशानदेही किए विभाग ने टेंडर कैसे जारी किया, इसकी जांच होनी चाहिए। माइनिंग विभाग ने जो ब्लॉक बताया है, उसकी जगह कितनी कहां तक है, किसी को कुछ पता नहीं है। मनमाने ढंग से खनन किया जा रहा है। खनन के दाम पर भी मनमानी की जा रही है। जम्मू से कई गुना ज्यादा रेट यहां पर वसूला जा रहा है।
माइनिंग करने का काम करने वाले दिहाड़ीदारों की भी कोई व्यवस्था नहीं है। मौके पर मौजूद सरपंच संसार सिंह, भाजपा नेता कावला सिंह, अश्विनी शर्मा उर्फ पुल्ली शाह ने कहा कि जैसे कश्मीर में सभी टेंडर रद्द कर उसकी जिम्मेदारी पंचायत को सौंपी गई है, वैसे ही अरनास व जम्मू के अन्य स्थानों पर किया जाना चाहिए, ताकि पंचायतों का विकास हो सके।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि अगर जिला प्रशासन व विभाग ने लोगों की समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं दिया, तो वह सड़क पर उतर कर और जोरदार प्रदर्शन करेंगे। धरने में जुड्डा, धनौड, कंथान, थनपाल, चंकाह, गाढ़ी आदि गांव के लोग शामिल हुए।