सांबा के जतवाल में प्रदर्शन करते हुए लोग।
सांबा। जिले के जतवाल हाईवे पर फ्लाईओवर नहीं बनने पर स्थानीय ग्रामीणों ने बुधवार को हाईवे प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की।लोगों ने मांग की है कि फ्लाईओवर बनने से उनका डेढ़ किलोमीटर का समय बचेगा।
स्थानीय महिला आरती देवी, गंगेश्वर, सौरभ शर्मा, पूर्व सरपंच दीवान खजूरिया और पूर्व सरपंच रविंदर सिंह आदि ने कहा कि दो वर्ष से वे अपनी मांग को प्रशासन के सामने उठाते आ रहे हैं। वे केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से भी अपनी समस्या को उठा चुके हैं। उन्होंने भी भरोसा दिलाया था कि उनकी मांग का समाधान करवाया जाएगा लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका है। ब्लाॅक दिवस, बैक टू विलेज व उनके क्षेत्र में आने वाले केंद्रीय मंत्रियों को भी अपनी समस्या को अवगत करवाया गया था लेकिन किसी ने भी उनकी समस्या के समाधान के लिए उचित कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि जतवाल बस अड्डे को खत्म किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पहले उन्हें कहा गया था कि जतवाल में फ्लाईओवर बनाया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि जतवाल में फ्लाईओवर बन जाए तो सीमावर्ती क्षेत्र की ओर जाने वाले करीब 25 से अधिक गांवों के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। वे लोग इसी मार्ग से जतवाल पहुंचते हैं। जतवाल अड्डे पर क्रॉसिंग नहीं होने से डेढ़ किलोमीटर दूर जाकर लोगों को वाहनों से उतर कर वापस आना पड़ता है। रात्रि में महिलाओं के लिए काफी परेशानी होती है। वहीं दुकानदारों की मांग है कि उन्हें दुकानों के बदले भूमि दी जाए। उनका कहना था कि फ्लाईओवर के बनने से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।
लोगों ने कहा कि एक किलोमीटर दूर जाकर क्रॉसिंग दी गई है। इससे लोगों को आने जाने की परेशानी बनी रहेगी। उन्होंने जिला उपायुक्त से मांग की कि यदि 24 घंटे के बीच उनकी मांग को नहीं सुना गया तो वे अनशन शुरू कर देंगे।