- रघुनाथ मंदिर से इंदिरा चौक तक निकली रैली, श्राइन बोर्ड और काॅलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी
- राष्ट्रपति, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और एलजी के नाम सौंपा ज्ञापन, प्रवेश प्रक्रिया रद्द करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। श्री माता वैष्णो देवी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (एसएमवीडीआईएमई) में एमबीबीएस सीटों के बंटवारे का विवाद शनिवार को जम्मू की सड़कों पर दिखा। श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति के बैनर तले हिंदू संगठनों ने रघुनाथ मंदिर चौक से इंदिरा चौक तक रैली निकालकर श्राइन बोर्ड और मेडिकल काॅलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। उधमपुर और रियासी सहित अन्य जिलों में भी प्रदर्शन किए।
रैली के बाद समिति की कोर कमेटी ने मंडलायुक्त कार्यालय में राष्ट्रपति, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और उपराज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। समिति के संयोजक कर्नल सुखबीर सिंह मनकोटिया ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। रैली शुरू होने से पहले कर्नल मनकोटिया, सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम दधीचि और समिति के जिला संयोजक संजय महाजन ने रघुनाथ मंदिर में माथा टेका और आंदोलन की सफलता की प्रार्थना की। मनकोटिया ने आरोप लगाया कि श्राइन बोर्ड की 34 एकड़ भूमि पर बने इस मेडिकल कालेज में इस वर्ष एमबीबीएस की 50 सीटों में बड़े पैमाने पर पक्षपात हुआ है। इस बार 42 सीटें विशेष समुदाय को दी गई हैं। केवल सात सीटें हिंदू और एक सीट सिख छात्र को मिली है। मेडिकल काॅलेज पूरी तरह से हिंदू भक्तों के दान और आस्था से बना है, इसलिए प्रवेश प्रक्रिया भी उसी भाव के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय पर कदम नहीं उठाया तो संघर्ष समिति आंदोलन को और तेज करेगी।
पुरुषोत्तम दधीचि ने कहा कि कटड़ा और उससे जुड़े क्षेत्र में मास और शराब पर रोक है। ऐसी स्थिति में यह सुनिश्चित करना मुश्किल होगा कि मेडिकल काॅलेज में प्रवेश पाने वाले छात्र इस धार्मिक अनुशासन का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक 100 प्रतिशत सीटें हिंदू समुदाय के लिए आरक्षित नहीं की जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। इसके बाद रैली नारेबाजी के बीच इंदिरा चौक की ओर बढ़ी। इंदिरा चौक पर भी श्राइन बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी की गई। रैली में समिति से जुड़े अन्य संगठनों के सदस्य भी शामिल रहे।
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ज्ञापन में सभी सीटें हिंदू छात्रों के लिए आरक्षित करने की मांग
रैली के बाद समिति की कोर कमेटी ने मंडलायुक्त कार्यालय में अतिरिक्त आयुक्त नरेश कुमार को राष्ट्रपति, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और उपराज्यपाल के नाम का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि श्राइन बोर्ड अधिनियम, 1988 के अनुसार बोर्ड का काम मंदिर और तीर्थस्थल से जुड़े धार्मिक और लोक हितकारी कार्यों तक सीमित है इसलिए मेडिकल काॅलेज में प्रवेश नीति भी उसी भावना के अनुरूप होनी चाहिए। ज्ञापन में मांग की गई है कि मौजूदा प्रवेश प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाए। 42 मुस्लिम छात्रों को हटाकर प्रवेश सूची को दोबारा बनाया जाए और सभी 50 सीटें हिंदू छात्रों के लिए आरक्षित की जाएं। समिति ने यह भी कहा कि जब कई संस्थान एक समुदाय को प्राथमिकता देते हैं तो वैष्णो देवी जैसे पवित्र स्थल की भावना के अनुरूप इस काॅलेज में ऐसी नीति क्यों नहीं हो सकती। समिति ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की अपील और चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।