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श्रीनगर में डॉक्टर को ड्यूटी पर जाने से रोका,जांच के आदेश

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श्रीनगर। जब पूरी दुनिया में चिकित्सकों व पूरे स्वास्थ्य महकमे को कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में प्रथम पंक्ति का योद्धा माना जा रहा है, ऐसे में पुलिस द्वारा एक डॉक्टर को कथित रूप से हिरासत में रखने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। हालांकि पुलिस ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
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बताया जाता है कि पुलिस ने पिछले हफ्ते यहां एक वरिष्ठ डॉक्टर को कथित तौर पर एक दिन के लिए हिरासत में रखा और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। डॉक्टर उस समय अपनी ड्यूटी पर अस्पताल जा रहे थे। इस घटना को लेकर मेडिकल बिरादरी में नाराजगी है।
वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. सैयद मकबूल ने कहा कि यह घटना शनिवार को हुई। 23 मई की सुबह उनकी ड्यूटी एसएमएचएस अस्पताल में थी। हवल चौराहे पर एक पुलिसकर्मी ने उन्हें रोका और वापस जाने को कहा। उन्होंने उसे अपना पहचान पत्र व ड्यूटी रोस्टर दिखाया और निवेदन किया कि उन्हें जाने की इजाजत दी जाए, क्योंकि जाम के कारण उन्हें पहले ही देर हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि वहां तैनात पुलिसकर्मी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट तक की। बाद में उन्हें उनके वाहन के साथ एसएचओ द्वारा पुलिस स्टेशन ले जाया गया। डॉक्टर ने कहा कि एसएचओ ने उनका फोन छीन लिया। मकबूल ने कहा कि उन्हें एक दिन थाने में बिताने और एक बांड पर हस्ताक्षर करने के बाद रिहा किया गया। इस घटना से मेडिकल बिरादरी में नाराजगी पैदा हो गयी है और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज श्रीनगर की प्राचार्य डॉ. सामिया राशिद ने त्वरित कारज़्वाई की मांग की है।
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सोशल मीडिया पर मामला ले जाना उचित नहीं
एसएसपी श्रीनगर हसीब मुगल ने घटना की जांच के आदेश देते हुए कहा कि डॉक्टर के खिलाफ एक पुलिस कर्मी को ड्यूटी करने से रोकने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है। इसकी जांच हजरतबल एसपी से कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर मामले को सोशल मीडिया पर उठा रहे हैं यह उचित नहीं है। सेवा शर्तों का भी उल्लंघन है।
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