जम्मू। जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी की ओर से आयोजित वार्षिक नाट्योत्सव के अंतिम दिन नाटक के मंचन को लेकर विवाद हो गया। स्वर्ग का पासपोर्ट नाटक में हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए कुछ संगठनों ने इसका मंचन रुकवा दिया। राष्ट्रीय बजरंग दल ने नाटक का विरोध किया। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर ब्राह्मण सभा ने भी शिकायत दर्ज करवाई है। नाटक के पोस्टर में देवी-देवताओं के कार्टून बनाने को लेकर विवाद हुआ।
उधर, स्वर्ग का पासपोर्ट नाटक के निदेशक शाजी खाने ने कहा कि यह पूरा प्रकरण पूर्व नियोजित था। 15 दिन पहले नाटक का पोस्टर लगाया गया था, नाटक के मंचन के दिन ही इसको लेकर आपत्ति क्यों जताई गई। नाटक अकादमी की स्क्रीनिंग कमेटी की ओर से पास किया गया था, जिसमें हिंदू धर्म मानने वाले लोग भी थे। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने साजिश के तहत इसमें खलल डाला। नाटक में मनोरंजन के साथ एक संदेश दिया गया है, लेकिन कुछ लोगों के बहकावे में आकर इसके मंचन को रोका गया।
कल्चर अकादमी में ड्रामा इंस्ट्रक्टर डॉ. सुधीर महाजन ने कहा कि नाटक में ऐसा कुछ नहीं था, जो किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाए। 15 दिन पहले पोस्टर लगाया था, उस वक्त किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई। अभी इस नाटक के मंचन को लेकर स्थिति साथ नहीं हुई है। इसको लेकर बैठक होगी, जिसमें फैसला लिया जाएगा।