जम्मू। जम्मू जिले की बाहु तहसील के सुंजवां और चौआदी गांव के राजस्व दस्तावेजों के गायब होने के मामले में पटवारियों की गिरफ्तारियों के विरोध सहित अन्य मांगों के लिए पटवारियों व गिरदावरों ने आंदोलन तेज कर दिया है। प्रदेश के सभी बीस जिलों में शनिवार को पटवारी और गिरदावर हड़ताल पर रहे। जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया गया। जम्मू-कश्मीर पटवारी एसोसिएशन के बैनर तले तीन दिन की प्रदेश स्तर की हड़ताल की काल दी गई है। सोमवार को अगली रणनीति पर फैसला लिया जाएगा। हड़ताल से राजस्व सहित अन्य कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
प्रदेश के सभी बीस जिला मुख्यालयों पर शनिवार को पटवारियों और गिरदावरों ने धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि पटवारी और गिरदावर पूरी ईमानदारी के साथ काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें वेबजह तंग किया जा रहा है। आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए पटवारियों ने अन्य मांगों में पटवार खानों का निर्माण, डीपीसी, ग्रेड वेतन, सीधी भर्ती में पदोन्नति की श्रेणी को 75 फीसदी और बाकी 25 फीसदी करना आदि मांगों को शामिल कर लिया है।
प्रदेशाध्यक्ष अब्दुल मजीद मल्ला ने कहा कि सरकार की नीतियों से तंग आकर पटवारियों को मजबूरन हड़ताल पर उतरना पड़ा है। पिछले लंबे समय से पटवारियों की मांगों पर गौर नहीं किया गया है। इससे उन्हें गंभीर परिस्थितियों में अपने कामकाज को अंजाम देना पड़ रहा है और अब उन्हीं परिस्थितियों का हवाला देकर उन्हें तंग किया जा रहा है। सोमवार को सरकार का रुख देखकर ही आंदोलन पर अगला फैसला लिया जाएगा। पटवारी और गिरदावर अपने हितों के लिए अपने आंदोलन को तेज करेंगे। सरकार को सही तथ्यों पर कार्रवाई को अंजाम देना चाहिए। वहीं, जिला मुख्यालयों और अन्य राजस्व केंद्रों पर राजस्व रिकार्ड का विस्तार के अलावा बेरोजगार प्रमाणपत्र, सत्यापन, आय प्रमाणपत्र, एससी, ओबीसी प्रमाण पंत्र, इंतकाल, जमाबंदी, निशानदेही आदि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। हजारों पटवारियों और गिरदावरों के हड़ताल पर चले जाने से प्रदेश स्तर पर प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्थाएं नहीं की जा सकी हैं।