जम्मू। रूपनगर में जेडीए की ओर से प्लाट आवंटित नहीं करने पर लाभार्थियों ने प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि रूपनगर में 45 कनाल जमीन से अतिक्रमण हटाने का दावा किया है, लेकिन हकीकत यह है कि अभियान को बीच में ही बंद करना पड़ा है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल विक्रम, सुरेश, कपिल, सुनील, राघव सेठी और पीआर भगत के अनुसार हाई कोर्ट में मामला चल रहा था। यहां पर रोशनी एक्ट के तहत जमीन को नाम करने की वकालत यहां पर अवैध रूप से रह रहे लोगों ने की है। दिसंबर माह में फाइल को बंद कर दिया गया है। जेडीए को जमीन पर कब्जा करने के लिए कहा गया है। 2014 में जेडीए से प्लाट लेने के लिए आवेदन किया था। इसके बाद जब कब्जा लेने का समय आया तो जमीन में अवैध अतिक्रमण पाया गया और विभाग ने प्रक्रिया को लटका दिया। कई बार चक्कर काटने पड़े हैं। अब जल्द जमीन पर कब्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जल्द अतिक्रमण अभियान को पूरा किया जाए। अवैध रूप से बसे लोगों को निकाला जाए।
प्लौड़ा चौक पर जेडीए के खिलाफ कब्जाधारकों का प्रदर्शन
रूपनगर में जेडीए की ओर से हटाए गए कब्जे के विरोध में कई लोग उतर आए हैं। बुधवार को प्लौड़ा चौक में चक्का जाम कर कार्रवाई के विरोध में रोष जताया गया। प्रदर्शनकारियों ने करीब दो घंटे तक चक्का जाम किया गया। प्रदर्शन 12 बजे आरंभ हुआ जो दो बजे तक चलता रहा। इस दौरान जानीपुर, मुट्ठी समेत अन्य जगहों को जाने वाले वाहनों के पहिए थमे रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जेडीए ने उनके साथ अन्याय किया है। कोई भी विभागीय नोटिस उन्हें नहीं मिला है। यह सहन नहीं करेंगे। यहां पर मेहनत से मकान बनाए थे। जेडीए अधिकारियों ने बिना सोचे समझे ही ढहा दिए। लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। इतना ही नहीं पशु शेड भी ध्वस्त किए गए हैं। मवेशी सर्दी में खुले में हैं। इसलिए अब जेडीए मुआवजा सहित मकानों का निर्माण करके दे।