जम्मू। सिद्दड़ा में जमीन विवाद से परेशान व्यक्ति ने खुद को आग लगा ली। पति को आग से बचाने के लिए बचाते समय पत्नी की झुलसने से रविवार को मौत हो गई। पति की हालत भी गंभीर बनी हुई है। 30 दिसंबर की रात को हुई वारदात के लिए परिजनों ने रसूखदार और पुलिस की मिलीभगत को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति ने पुलिस को दिए बयान में रिश्तेदार पर जमीन के लिए परेशान करने का आरोप लगाया। पुलिस के अनुसार व्यक्ति ने कहा है कि रसूखदार से तंग आकर उसने खुद को आग लगाई, जिसे बचाने के लिए पत्नी भी झुलस गई।
आगजनी की घटना 30 दिसंबर की रात को पेश आई थी। महिला के दम तोड़ने से गुस्साए परिजनों ने रविवार विरोध जताया। जीएमसी परिसर के पास बख्शी नगर से सिटी की ओर जाने वाला यातायात थम गया, जिससे लंबा जाम लग गया। बाद में पुलिस ने जाम को खुलवाया। विरोध जता रहे परिजनों ने कहा कि पुलिस और रसूखदार की मिलीभगत से यह लोग खुद को आग लगाने के लिए मजबूर हो गए। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
महिला की हालत गंभीर थी, जिसके चलते मरने तक उसका बयान दर्ज नहीं हो सका। उसके पति ने बताया है कि रिश्तेदार से तंग आकर उसने खुद को आग लगाई थी। जिसे बुझाते उसकी पत्नी भी झुलस गई। मामला दर्ज कर छानबीन की जा रही है। महिला की मौत को लेकर भी संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- विश्व प्रताप, नगरोटा थाना प्रभारी
रसूखदार के खिलाफ दर्ज हो सकता है मामला
मसले में नगरोटा पुलिस ने भी जांच आरंभ कर दी है। अब दंपती द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर कार्रवाई आरंभ होगी। रसूखदार को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। मौत के लिए उकसाने पर मामला दर्ज हो सकता है।
यह है मामला
सिद्दड़ा निवासी महिला पूर्णिमा देवी और पति दिलावर सिंह 30 दिसंबर की रात को बुरी तरह से झुलस गए थे। दोनों को जीएमसी लाया गया था। पहले दोनों बयान देने की हालत में नहीं थे। बाद में महिला के भाई ध्यान सिंह ने बताया था कि महिला और उसका पति झुलस गए हैं। रविवार को जख्मों का ताव न सहते हुए महिला की मौत हो गई।