जम्मू। जम्मू पॉवर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जेपीडीसी) के अस्थायी कर्मचारियों ने शनिवार को 27वें दिन भी कनाल रोड़ स्थित चीफ इंजीनियर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुआई करते हुए कैजुअल लेबर टीडीएल-पीडीएल यूनियन के अध्यक्ष अखिल शर्मा ने कहा कि बिजली विभाग में पिछले 15 वर्षों से 3169 नीड वेस वर्कर काम कर रहे हैं। इनमें 2707 वर्करों को वेतन मिलता है, जबकि 462 वर्करों को कोई वेतन नहीं मिलता है। कोरोना काल में भी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है।
शर्मा ने कहा कि कई कर्मचारी बिजली की मरम्मत के दौरान करंट की चपेट में आने से मौत का शिकार हो चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं किया जाता है। पीड़ित परिवारों की मदद के लिए कैजुअल वर्करों को अपने वेतन से चंदा इकट्ठा करते हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार ड्यूटी के दौरान मौत का शिकार होने वाले कर्मचारियों के लिए मुआवजे की व्यवस्था करे। इसके साथ ही कर्मचारियों के वर्करों के वेतन को 6750 से बढ़ाकर 18,500 रुपये किया जाए। इस मौके पर अशीष शर्मा, गौरव शर्मा, गुरमेल कुमार, मुकेश शर्मा, रमेश शर्मा, कबीर के साथ यूनियन के अन्य सदस्य भी मौके पर मौजूद रहे।ेेेेेेेे