जम्मू। जम्मू संभाग में अस्थायी कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने पर हड़ताल 72 घंटे और बढ़ा दी है। जलशक्ति विभाग में हड़ताल के 16 दिन बाद भी प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी कर्मचारी यूनियनों से मुलाकात करने नहीं पहुंचा, न ही कर्मचारी नेताओं को बैठक के लिए समय दिया है। अन्य विभागों में भी छह दिन से हड़ताल चल रही है। अफसरों के तनाशाही रवैये के कारण यूनियनों ने अब हड़ताल आगे बढ़ा दी है। इससे सरकारी विभागों को काम प्रभावित हो रहा है, सुविधाएं न मिलने से लोग भी परेशान हैं। बावजूद इसके सरकार ध्यान नहीं दे रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि न तो उन्हें नियमित किया जा रहा है और न वेतन समय पर दिया जा रहा है।
शनिवार को अस्थायी कर्मचारियों ने सभी विभागों के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जम्मू संभाग में 60 हजार से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर हैं। लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग, जलशक्ति, कृषि, बागवानी विभाग, आरएंडबी, एस्टेट, पीएमएसजीवाई के कर्मचारी हड़ताल पर अड़े हैं। बिजली विभाग में हड़ताल से कई इलाकों में विद्युत सप्लाई बाधित रही। जलशक्ति विभाग के स्थायी कर्मियों को पानी छोड़ने में दिक्कतें आईं। कृषि विभाग में बीज और अन्य उपकरण नहीं मिल पा रहे हैं। सड़कों का काम भी रुक गया है। सरकारी कार्यालयों में फाइलें भी अधिकारियों को खुद ही एक जगह से दूसरी जगह रखनी पड़ीं। डाक का काम भी काफी हद तक कार्यालयों में प्रभावित रहा। ऑल डिपार्टमेंट कैजुअल लेवर फ्रंट के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, वे संघर्ष जारी रखेंगे।
---------------
ये हैं मुख्य मांगें
- अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
- लंबित वेतन जारी किया जाए।
- न्यूनतम वेतनमान को लागू किया जाए।
--------------
पार्षदों ने पुलिस के सहयोग से छोड़ा पानी
जम्मू। शहर में जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। इससे लगातार लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। हालात यह बन गए हैं कि कई जगहों पर पार्षदों ने पुलिस के सहयोग से पानी की मोटरें चालू कीं। स्थायी कर्मचारी भी पानी छोड़ने के लिए एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहे। बावजूद इसके शहर में जरूरत के हिसाब से पानी पूरा नहीं हो पाया।
मौजूदा समय में बटिंडी, सुंजवां, नरवाल, सैनिक कॉलोनी, तालाब तिल्लो, जानीपुर, रूपनगर, तोप शेरखानिया, मुट्ठी, रूपनगर समेत अन्य इलाकों में पानी नहीं आया। लोग पानी आने का इंतजार करते रहे। हालांकि शुक्रवार को पानी की आपूर्ति कुछ समय के लिए की गई, लेकिन जरूरत के हिसाब से पानी पूरा नहीं हो पाया। कुछ स्थानों पर टैंकर भी नहीं पहुंच पाए। सैनिक कालोनी के पार्षद नरेंद्र जमवाल के अनुसार पांच टैंकरों की डिमांड के बदले में सिर्फ दो टैंकर मिले हैं।
तवी से प्यास बुझा रहे गोरखा नगर के लोग
इसी तरह भवानी नगर, श्याम नगर, विहार नगर, गोल पुली, विकास लेन में भी पेयजल किल्लत रही है। गोरखा नगर में पांच दिन बीत जाने के बाद भी पानी नहीं आया। तवी नदी के पानी से प्यास बुझानी पड़ी है। इसी तरह गुढ़ा बख्शी नगर में भी पानी जरूरत के हिसाब से नहीं आया। रेशमघर कॉलोनी, किष्णा नगर में कम समय लोगों को पानी मिला। न्यू प्लॉट, मांडा, पुराना शहर में 30 मिनट तक पानी की आपूर्ति हुई। गंग्याल इलाके में दिन में एक ही बार लोगों को पानी मिला है।