जीएमसी जम्मू में बच्चे की मौत के बाद बिलाप करते परिजन।
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जम्मू। जीएमसी में शनिवार को जानीपुर के एक चार साल के बच्चे की मौत पर परिवारवालों ने प्रदर्शन कर दिया। कोरोना जांच में बच्चा पॉजिटिव पाया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि घंटों इमरजेंसी में इलाज के बाद बच्चे को बाद में डॉक्टरों ने कोरोना पॉजिटिव करार दे दिया। वेंटिलेटर सुविधा भी नहीं दी गई, जिस कारण बच्चे की आइसोलेशन में मौत हो गई। ओपीडी कांप्लेक्स के बाहर परिवार और अन्य रिश्तेदारों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बच्चे को कोविड प्रोटोकाल के तहत दफनाया गया।
आरव कुमार (4) छत से गिरकर घायल हुआ था। परिवारवालों ने उसे शुक्रवार को जीएमसी की इमरजेंसी में भर्ती कराया था। तीमारदार एवं प्रदेश यूथ कांग्रेस के महासचिव रिकी डलोत्रा ने बताया कि वह शुक्रवार रात जीएमसी में बच्चे के साथ ही थे, उसकी आंख और अन्य कुछ हिस्सों में चोट आई थी। उसे वेंटिलेटर की जरूरत थी, लेकिन डॉक्टरों ने वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं करवाया और बच्चे को दूसरे किसी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। परिवार वाले भी उसे अच्छे अस्पताल में ले जाने के लिए तैयार थे, लेकिन जब अस्पताल प्रशासन पर वेंटिलेटर उपलब्ध करवाने के लिए दबाव बनाया गया तो रात तीन बजे के करीब बच्चे को कोरोना पॉजिटिव करार दे दिया गया और उसे आइसोलेशन में शिफ्ट कर दिया गया। आइसोलेशन में बच्चे से मिलने नहीं दिया गया और कुछ देर बाद उसकी मौत की सूचना दे दी गई। उन्होंने सवाल उठाए कि वेंटिलेटर की मांग के बाद अचानक बच्चा कोरोना पॉजिटिव कैसे हो गया और उन्हें वेंटिलेटर उपलब्ध क्यों नहीं करवाया गया। बच्चे की मौत के बाद परिवारवालों और अन्य रिश्तेदारों ने ओपीडी के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बच्चे के शव को परिवारवालों को सौंपा गया।
उधर, जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. नसीब चंद डिगरा का कहना है कि बच्चे को सिर में चोट लगी थी और कोरोना जांच के दौरान उसके संक्रमित होने की पुष्टि हुई। अस्पताल प्रशासन की ओर से बच्चे को हरसंभव इलाज दिया गया।