जम्मू। बारिश से शहर के नालों में आने वाली बाढ़ की सबसे बड़ी वजह अतिक्रमण है। नगर निगम ने इस मानसून सीजन में नालों के ओवलफ्लो होने से भारी नुकसान के बाद सर्वे कराया, जिसकी रिपोर्ट अब यूईईडी विभाग को सौंपी गई है। रिपोर्ट में अतिक्रमणकारियाें के रूप में बड़ी संख्या में रसूखदारों, पूर्व मंत्री और व्यवसायियों के नाम शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार शहर के बाहरी इलाकों में नाले की चौड़ाई 22 फुट है जो शहर में आकर अतिक्रमण से सिकुड़कर चार से पांच फुट तक रह गई है। कई जगह तो नालों के किनारे पिल्लर लगाकर ढांचे खड़े कर दिए गए हैं।
शहर के नानक नगर और शास्त्री नगर से गुजरने वाले नालों में तेज बारिश के बाद पानी ओवरफ्लो हो जाता है। कुछ घंटे आवाजाही नहीं हो पाती। मंदिर के पास घरों में घुस जाता है। किशना नगर नाले की समस्या हल की गई है। ज्यादा बारिश होने पर पानी सड़क में आ जाता है। नाला पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नालों से मलबा हटा दिया गया है, लेकिन बारिश होते ही पानी ओवरफ्लो हो सकता है। यहां पर नाले कम चौड़े हैं। इस पर अब यूईईडी विभाग को लिखा गया है कि नालों को चौड़ा किया जाए। नालों किनारे अवैध निर्माणों को हटाने और क्रेट वॉल लगाने को कहा गया है। नगर निगम के सीटीओ हरेंद्र सिंह ने बताया कि नालों से मलबा हटाया गया है। रिपोर्ट को यूईईडी को भेजा गया है। आगे की कार्रवाई विभाग करेगा।