ज्यौड़ियां/अखनूर। सुगंल में ट्रांसफार्मर की मरम्मत करने के दौरान करंट लगने से श्रमिक की मौत से गुस्साए परिजनों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगाया। उन्होंने प्रदर्शन कर श्रमिक बचन लाल की मौत का कारण बिजली विभाग की लापरवाही और लापरवाही को बताया। उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिए जाने का मुद्दा भी उठाया।
बुधवार को नाराज लोगों ने कहा कि ट्रांसफार्मर की मरम्मत के दौरान शटडाउन लिया था तो बिजली आपूर्ति सुचारु कैसे हुई। विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही से दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। अब उनका पालन पोषण किस प्रकार और कौन करेगा। अखनूर उप जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाकर लौट रहे परिवार के सदस्य लापरवाही की बात पर नाराज हो गए। इस पर एसडीएम अखनूर गोपाल सिंह और थाना प्रभारी रवि सिंह ने पीड़ित परिजनों को एक लाख की मदद का आश्वासन दिया। इस पर शव परिवार वाले अपने साथ ले गए।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बचन लाल की पत्नी ज्योति देवी को बिजली विभाग में सरकारी नौकरी देने और दोनों बच्चों की पढ़ाई और पालन पोषण की जिम्मेदारी उठाने की मांग की। दोपहर ढाई बजे से लेकर शाम पांच बजे सड़क पर जाम लगा था। तहसीलदार खौड़ सुदेश शर्मा, थाना प्रभारी बलविंदर सिंह भाऊ ने भी लोगों को शांत करने की कोशिश की लेकिन लोग नहीं माने। माहौल बिगड़ता देख बिजली विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे लेकिन कोई सहमति नहीं बनने पर लोग भड़ उठे। गांव अजैल मलाल निवासी रामनाथ ने बताया कि बचन लाल की आर्थिक स्थिति बहुत ही कमजोर है।
मृतक के बेटे नवदीप का आज था जन्मदिन
नवदीप की मां ज्योति देवी ने बिलखते हुए बताया कि बेटे नवदीप का बुधवार को जन्म दिन था। मंगलवार की सुबह जब बचन लाल घर से मजदूरी के लिए निकला था तो सात वर्षीय बेटे ने पिता से कहा कि कल की छुट्टी ले लेना। कल उसका जन्म दिन है। बुधवार को जन्म दिन पर अपने पापा के शव के पास बीच सड़क गुमसुम बैठे बेटे को देख सबकी आंखों नम हो गई।