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हत्यारोपी को मिले फांसी, सड़क पर बैठे पीड़ित, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

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जम्मू। फ्लायं मंडाला के गांव अलोरा में मंगलवार को हुए तिहरे हत्याकांड को लेकर गुस्सा बुधवार को फुट पड़ा। हत्यारोपी पुलिसकर्मी के ससुराल वालों ने बुधवार को सड़क जाम कर उसे फांसी की सजा देने की मांग की। कहा कि दोनों बच्चों को बालिग होने तक आरोपी का पूरा वेतन और अन्य लाभ दिए जाएं। बालिग होने पर सरकारी नौकरी भी दी जाए। पीड़ित परिजनों ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में देरी होने पर भी जीएमसी में जमकर प्रदर्शन कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
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परिजनों ने मोर्चरी में जबरदस्ती घुसकर बिना पोस्टमार्टम कराए शव ले जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। सड़क के बीच ट्रैक्टर खड़े कर प्रदर्शनकारियों ने जाम लगा दिया। इन्हें हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। शवों को भी दूसरे रास्ते से निकालकर गांव तक पहुंचा दिया।
कांस्टेबल राजिंदर कुमार ने मंगलवार रात फ्लायं मंडाल के गांव अलोरा में ससुराल जाकर पत्नी सीमा देवी, सास राज कुमारी और सुसर रमेश कुमार की सर्विस राइफल से गोलियां मारकर हत्या कर दी। इसके बाद देर रात गनजसू गांव से पुलिस ने उसे दबोच लिया। घर में मौजूद साले पर भी गोली चलाई गईं, लेकिन वह किसी तरह से बच गया। आरोपी ने अपनी सात साल की बेटी को भी गोली मारने की कोशिश की थी। हत्यारोपी पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया है।
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बच्चों के भविष्य पर सरकार ले फैसले
अविनाश का कहना है कि उसके परिवार में मां-बाप की तो हत्या कर दी गई है, बहन को भी मार डाला। अब उसका एक चार साल का भांजा और सात साल की भांजी है। अविनाश ने कहा कि दोनों की परवरिश कैसे होगी, क्योंकि न तो उसकी शादी हुई है और न ही उसके छोटे भाई की। दोनों भाई मजदूरी करते हैं तो इन बच्चों को किस तरह से पालेंगे। लिहाजा दोनों बच्चों के बालिग होने का सारा खर्च पुलिस महकमा उठाए और उनके बालिग होने के बाद सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही आरोपी के रिटायर होने तक उसका पूरा वेतन और अन्य लाभ उसके बच्चों को दिए जाएं।
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बीच सड़क पर खड़ा कर फांसी देने की मांग
मृतकों के परिजनों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आरोपी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि आरोपी को बीच सड़क पर खड़ा करके गोली मार दी जाए। ताकि भविष्य में कोई अपराध करने का दुस्साहस न करे। यदि ऐसा नहीं किया गया तो भविष्य में इस तरह की वारदातें होती रहेंगे। लिहाजा आरोपी को या तो फांसी मिले या फिर उसको जनता के बीच खड़ा करके गोली मार दी जाए। इस मांग को लेकर महिलाओं ने कई घंटों तक शवगृह के बाहर प्रदर्शन किया। यहां तक कि मेडिकल कालेज अस्पताल के बाहर ट्रैक्टर ट्राली में सैकड़ों लोग पहुंच गए और सड़क बंद कर प्रदर्शन किया। इसी मांग पर परिजन काफी देर तक अड़े रहे।
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पुलिस से सवाल, गन क्यों ले जाने दी
मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस से बार-बार एक ही सवाल पूछा कि आखिर आरोपी को घर में सर्विस राइफल क्यों ले जाने दी? क्यों ड्यूटी खत्म होने के बाद उनके हथियारों को जब्त नहीं किया जाता। किसी भी पुलिस कर्मी को ड्यूटी खत्म होने के बाद सरकारी गन घर नहीं ले जाने दी जानी चाहिए।
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डॉक्टरों के बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
तीनों शवों का पोस्टमार्टम जीएमसी के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने किया। इसके लिए पुलिस ने जिला उपायुक्त से अनुमति मांगी। हालांकि बोर्ड के देरी से गठित होने और पोस्टमार्टम में देरी होने पर परिजन काफी गुस्से में दिखे और आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम में देरी की गई है। पोस्टमार्टम के बाद तीनों को फ्लायं मंडाल ले जाया गया और एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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गुस्साए लोगों को रोकने के लिए
छावनी में बदला अस्पताल
बड़ी तादाद में मृतकों के रिश्तेदार और ग्रामीण बुधवार को जीएमसी पहुंच गए। लोग काफी आक्रोश में दिखे, जिन्हें काबू करने के लिए बड़े स्तर पर पुलिस कर्मियों को अस्पताल में तैनात कर दिया गया। चट्ठा, फ्लायं मंडाल के चौकी प्रभारी, सतवारी और बख्शी नगर के एसएचओ, एसडीपीओ अमित शर्मा समेत कई पुलिस अधिकारी जीएमसी पहुंचे। मड़ विधानसभा के पूर्व विधायक सुखनंदन चौधरी भी अस्पताल पहुंचे और परिवार के प्रति अपनी सांत्वना प्रकट की।
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साला बोला-जीजा का किसी युवती के साथ
था चक्कर, इसलिए परिवार को मार डाला
हत्यारोपी के साले अविनाश ने बताया कि उसके जीजा का किसी युवती के साथ प्रेम प्रसंग है। जीजा उस युवती को लगातार फोन करता था और वाट्सएप पर चेटिंग भी करता था। यह बात बहन सीमा को पता चल गई थी। जीजा दूसरी शादी करना चाहता था, इसे लेकर वह उसकी बहन को पीटता भी था। महिला थाने में इसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन पुलिस ने भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। अविनाश ने बताया कि वारदात के वक्त उसका छोटा भाई राजिंदर घर में नहीं था। अन्यथा जीजा उसको भी मार देता।
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धोखे से मार दिया, सब कुछ खत्म
इस घटना को लेकर फ्लायं मंडाल में अब भी दहशत का माहौल है। मृतक दंपति के बेटे अविनाश का कहना है कि धोखे से उसके परिवार को मार दिया गया। उन्हें तो आरोपी ने यही कहकर फोन किया कि उसकी प्रमोशन हुई है और मुबारकबाद देने के लिए आया है। अविनाश ने बताया कि मंगलवार शाम को ही वह अपनी बहन और बच्चों को ससुराल से लेकर आया था और रात को जीजा भी पहुंच गया। उसे शक तो हो गया था कि जीजा के दिमाग में कुछ चल रहा है, लेकिन वह इतना कुछ कर देगा, यह कभी नहीं सोचा था।
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मासूम बच्चों की आंखों में
अब भी दिख रहा खौफ
हत्यारोपी के बच्चे अब भी दहशत में हैं। उनकी आंखों के सामने रह-रहकर दिल दहला देने वाली वारदात सामने आ रही है। बच्चों को अस्पताल भी नहीं लाया गया। उन्हें रिश्तेदारों के पास छोड़ा, ताकि वह सदमे से बाहर आ सकें।
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शवों को लेकर अलोरा गांव में भी हुआ बवाल
जम्मू। जीएमसी से तीनों शव गांव अलोरा ले जाए गए, लेकिन जब शव लेकर वाहन पहुंचा तो दंपति का शव घर में ले जाया गया, लेकिन कुछ लोगों ने कहा कि आरोपी की पत्नी का शव उसके ससुराल लेकर जाकर फिर संस्कार किया गया। इसे लेकर काफी देर तक बवाल होता रहा। एक बार शवों को वाहन से उतारकर घर ले जाया गया। वहां से फिर लोगों ने शवों को उठाया और सतवारी में रखकर प्रदर्शन करने की योजना बनाई। लेकिन बाद में फिर शवों को घर ले जाया गया और शाम तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात रहे।
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