बाबा गुरमीत राम रहीम द्वारा बनाई गई विवादास्पद फिल्म ‘मैसेंजर आफ गॉड’ के खिलाफ रियासत में भी आवाज उठने लगी है। रियासत के सिखों ने सरकार से मांग की है कि इस फिल्म के प्रसारण से पहले ही रोक लगाई जाए।
नेशनल सिख फ्रंट के चेयरमैन वरिंदरजीत सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि जब इस फिल्म के प्रसारण पर आस्ट्रेलिया में रोक लग गई है तो रियासती सरकार को भी सिखों की धार्मिक भावनाओं का आदर करते हुए इस पर रोक लगानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने केंद्र और पंजाब सरकार को इस बाबत पत्र भी लिखा है। रियासत के सिखों की ओर से सूचना प्रसारण मंत्री राजवर्द्धन राठौर और केंद्रीय सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष ललिता सैमसन को पत्र लिखा गया है।
फ्रंट के चेयरमैन ने कहा कि इससे पहले भी राम रहीम श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की नकली पोशाक पहन सिख कौम का अपमान कर चुके हैं। इसके अलावा उन पर सीबीआई की ओर से रेप, फ्राड और मर्डर के केस दायर किए गए हैं।
उन्होंने जम्मू के सिनेमाघरों के मालिकों से भी अपील की कि इस फिल्म को न लगाएं अन्यथा उनके हाल को कुछ नुकसान होता है तो वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। इस मौके पर फ्रंट के अध्यक्ष कुलवंत सिंह भट्टी, उपाध्यक्ष गुरदयाल सिंह, परमजीत सिंह भी मौजूद रहे।