जम्मू/कठुआ। जम्मू संभाग में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मंजूर नए कॉलेजों में 17 डिग्री कॉलेज भूमि विवाद और विभागों में तालमेल की कमी से लटक गए हैं। मंजूरी के दो साल बाद भी इन कॉलेजों का भवन निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। भूमि को लेकर कुछ मामले कोर्ट में हैं, जबकि कुछ मामलों में चिह्नित भूमि को भूवैज्ञानिकों ने निर्माण योग्य नहीं माना है। उपराज्यपाल ने भूमि से जुड़े मुद्दों के त्वरित हल के लिए मंडलायुक्त जम्मू को निर्देश जारी किए हैं। पिछले दिनों 30 दिसंबर को एलजी के सलाहकार की ओर से बैठक कर इस मामले में जानकारी भी ली गई है।
दिसंबर 2018 को तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान राज्य प्रशासनिक परिषद ने प्रदेश में खुलने वाले 40 नए सरकारी कॉलेजों को मंजूरी दी थी। जिससे 40 हजार छात्रों को स्नातक शिक्षा की सुविधा हासिल होनी है। इन डिग्री कॉलेजों को 2020-21 सत्र से सक्रिय किया जाना था। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधर में लटके 17 कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जा रही है। इसे लेकर उप राज्यपाल स्तर पर निगरानी भी की जा रही है।
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कहां क्या फंसा है पेंच
- डिग्री कॉलेज सैनिक कॉलोनी- कॉलेज को शिफ्ट कर दिया गया है लेकिन जेडीए की ओर से भूमि हस्तांतरण नहीं किया गया है।
- डिग्री कॉलेज सिद्दड़ा - जेडीए की ओर से चिह्नित जमीन हस्तांतरित करने से मना किया जा चुका है। ऐसे में नई जगह चिह्नित की जानी है।
- डिग्री कॉलेज नगरोटा- जेडीए की ओर से एजेंसी को काम करने की अनुमति नहीं दी गई है।
- डिग्री कॉलेज भगवती नगर - प्री फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर का काम जारी है। यूईईडी की ओर से भूमि हस्तांतरित नहीं की गई है।
- डिग्री कॉलेज बिश्नाह - जमीन विभाग को हस्तांतरित नहीं की गई है।
- डिग्री कॉलेज मोंगरी, पंचैरी - कैंथगली के पास प्रस्तावित भूमि पर कोर्ट का स्टे लगाया गया है।
- डिग्री कॉलेज डुडू बसंतगढ़ - चिह्नित जमीन ऊंची ढलान पर है। नई जगह चिह्नित की जानी है।
- डिग्री कॉलेज नीली नाला - तीन कनाल जमीन को लेकर स्थानीय विवाद है।
- डिग्री कॉलेज बटोत - जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार कॉलेज के लिए चिह्नित जमीन भवन निर्माण के लिए अनुकूल नहीं है।
- डिग्री कॉलेज दरहाल - जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार कॉलेज के लिए चिह्नित जमीन भवन निर्माण के अनुकूल नहीं है।
- डिग्री कॉलेज कोटरंका - जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार कॉलेज के लिए चिह्नित जमीन भवन निर्माण के लिए अनुकूल नहीं है।
- डिग्री कॉलेज मंडी - काम रुकवा कर स्थानीय लोगों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जमीन के मुआवजे के साथ सरकारी नौकरी की मांग रखी गई है।
- डिग्री कॉलेज मढ़ीन- निर्माण साइट को लेकर स्थानीय लोगों की आपत्ति है। उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
- डिग्री कॉलेज रामकोट- वानिकी विभाग की ओर से जद में आने वाले पेड़ों की कटाई की मंजूरी दी जानी है।
- डिग्री कॉलेज विजयपुर- राजस्व विभाग की ओर से भूमि हस्तांतरित नहीं की गई है।
- डिग्री कॉलेज घगवाल- चिह्नित जमीन उपयुक्त नहीं है। नई जगह देखे जाने की जरूरत है।
- डिग्री कॉलेज ठाठरी- अपर ठाठरी में चिह्नित जगह उपयुक्त नहीं है। नई जगह देखी जानी है।