जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश में जम्मू और श्रीनगर में दो नए टाउनशिप विकसित किए जाएंगे। दोनों ही शहरों में एक-एक लाख आवास बनाए जाएंगे। इससे लोगों की आवास जरूरतें पूरी होंगी। यह जानकारी उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में दी गई।
बैठक में आवास विकास विभाग के सचिव ने बताया कि इन दोनों शहरों में सुनियोजित विकास का प्लान तैयार कर लिया गया है। जल्द ही इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। दोनों शहरों के लिए अलग अलग मेट्रोपोलिटन रीजन डेवलपमेंट अथारिटी (एमआरडीए) का गठन कर दिया गया है। श्रीनगर एमआरडीए के तहत आठ स्थानों पर 1.36 लाख डबल यूनिट पहले से ही चिह्नित कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों शहरों में मेट्रो रेल का डीपीआर मंजूर हो चुका है। डीएमआरसी के माध्यम से जम्मू और श्रीनगर मास रैपिड ट्रांजिट कॉरपोरेशन (एमआरटीसी) के निष्पादन का प्रस्ताव है। उप राज्यपाल ने दोनों शहरों में ड्रेनेज सिस्टम की व्यापक योजना तैयार करने को कहा। कहा कि यदि टुकड़ों में योजना को क्रियान्वित किया गया तो भी व्यापक योजना बनाई जाए ताकि इन दोनों शहरों को साफ सुथरा रखा जा सके।
श्रीनगर में विकास कार्यों के बारे में एलजी को जानकारी दी गई कि 10 आधुनिक राजस्व कार्यालय सितंबर के अंत तक तैयार हो रहे हैं। साथ ही 89 प्रतिशत डिजिटलीकरण का काम भी पूरा किया गया है। जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेष कार्य किए गए हैं। 25 स्मार्ट स्कूल स्थापित किए गए हैं और स्मार्ट कक्षाओं के लिए अतिरिक्त 50 स्कूलों में काम चल रहा है। अस्पतालों के ढांचे को भी अपग्रेड किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर एलजी को अवगत कराया गया कि 15 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इसमें 20 चल रही हैं और 4 पर काम शुरू करना है। आपातकालीन सेवाओं, आवश्यक सेवाओं, शहर के यातायात प्रबंधन, सुरक्षा, शहर के सीसीटीवी निगरानी, आपदा प्रबंधन, जल निकासी, और अन्य सेवाओं का लाभ लोगों को मिलेगा।
काम समय पर पूरा करने को बने नीति
उप राज्यपाल ने विकास से जुड़ी परियोजनाओं में देरी का संज्ञान लेते हुए कहा कि परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए एक औपचारिक नीति बनाया जाना चाहिए। इसमें समय पर परियोजनाओं को पूरा करने वाले अफसरों को प्रोत्साहन दिए जाने की व्यवस्था हो।