दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने शिक्षिका रजनी बाला, बैंक प्रबंधक विजय कुमार की लक्षित हत्याओं और विभिन्न आतंकी वारादातों में शामिल पांच आतंकियों के खिलाफ सोमवार को मुनादी करा कर आत्मसमर्पण के लिए कहा है। अदालत के आदेश पर एसआईयू की टीमों ने स्थानीय पुलिस और मजिस्ट्रेटों के साथ, कुलगाम, शोपियां और पुलवामा जिलों में आतंकियों के गांवों में मुनादी के बाद कोर्ट का आदेश पढ़कर लोगों को सुनाया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, विशेष अदालत ने पिछले साल कुलगाम जिले में महिला शिक्षिका रजनी बाला और बैंक प्रबंधक विजय कुमार की हत्या सहित विभिन्न आतंकवादी अपराध और लक्षित हत्या के मामलों में शामिल पांच सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 82 के तहत मुनादी कराने का आदेश जारी किया।
विशेष जांच इकाई (एसआईयू), कश्मीर के अनुरोध पर जिन दहशतगर्दों के खिलाफ मुनादी कराई गई है उनमें खरबतापोरा रत्नीपोरा पुलवामा निवासी अर्जुमंद गुलजार उर्फ हमजा भूरा, चौकी चोलेंद शोपियां निवासी बिलाल अहमद भट, समीर अहमद शेख उर्फ कामरान भाई, चौकी चोलेंद शोपियां निवासी आबिद, रमजान शेख निवासी छोटीपोरा शोपियां और फ्रिसल कुलगाम निवासी बासित अमीन भट शामिल हैं। मुनादी आदेश जारी करने से पहले, अदालत ने पांचों के खिलाफ ओपन एंडेड गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किए थे।
आदेशों की प्रतियां घरों पर चस्पा
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि आतंकवादियों के गांवों में प्रमुख स्थानों पर उद्घोषणा आदेश पढ़कर सुनाए गए और आदेशों की प्रतियां उनके घरों और गांवों में चस्पा कर दी गईं। उन्होंने कहा कि पांचों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू करने से पहले अदालत ने उन्हें पुलिस अथवा जांच एजेंसी के सामने आत्मसमर्पण करने का मौका दिया है।