नेशनल हाईवे और हाईवे पर शराब की दुकानें बंद कर देने के बाद इनके मालिकों की हालत खराब हो गई है। लाइसेंस होने के बाद भी अब दुकान खोलने के लिए नई जगह नहीं मिलने से शराब कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
नई लोकेशन में कहीं स्कूल हैं, तो कहीं पर मंदिर। कहीं अस्पताल बना हुआ है तो कहीं पर सोसायटी के लोग दुकानें नहीं खुलने दे रहे। इस वजह से दुकानदार अपनी दुकानें शिफ्ट नहीं कर पा रहे। लाइसेंस होने के बावजूद एक हफ्ते से दुकानों और बार पर ताले लटके हुए हैं।
आबकारी विभाग आयुक्त जावेद खान का कहना है कि लोकेशन की कोई पाबंदी नहीं। लेकिन, दुकान जहां खोली जाएगी, उसका कोई विरोध नहीं होना चाहिए। हाईवे पर 48 दुकानों के बंद होने से राजस्व पर भी असर पड़ा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस समय हर दिन करीब 50 लाख की शराब नहीं बिक रही।