ट्रेन तो लौटी, वेंडरों का काम नहीं लौटा पटरी पर
कोविड-19 से प्रभावित कइयों ने छोड़ा काम, जम्मू रेलवे स्टेशन पर कई दुकानें बंद पड़ीं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कोविड-19 के बीच ट्रेन तो पटरी पर लौट आई है, लेकिन रेलवे स्टेशन के वेंडरों, दुकानदारों का काम पटरी पर नहीं लौट पाया है। इन वेंडरों की दुकानें बंद पड़ी हैं तो कइयों ने अपना कामकाज ही बदल लिया है। जम्मू रेलवे स्टेशन पर 30 से अधिक वेंडर और दुकानें हैं, इनमें 40 प्रतिशत दुकानें बंद पड़ी हैं।
लॉकडाउन के बाद जम्मू रेलवे स्टेशन के लिए रेलवे ने दो दर्जन से अधिक ट्रेनों का परिचालन तो शुरू किया है, लेकिन वेंडरों का कारोबार मंदा पड़ा है। स्टेशन पर दुकान करने वाले नवल किशोर ने कहा कि यात्री सामान खरीदने से परहेज करते हैं। बाहर से आने वाले यात्रियों का पहले कोविड टेस्ट इसके बाद उन्हें बिना रुके स्टेशन से बाहर भेजा जा रहा है। दिसंबर से फरवरी तक काम थोड़ा-बहुत चल रहा था, लेकिन अब फिर से बंद होने की कगार पर है। जहां पहले अगर दस हजार का सामान दिन में बिकता था, वहीं अब एक हजार तक ही सेल हो पा रही है। रेलवे प्लेटफार्म नंबर-1 पर पांच से सात दुकानें बंद पड़ी हैं। इसमें कुछ एक के कोर्ट केस हैं, जबकि अन्य दुकानदारों ने अपना कामकाज बंद लिया है।
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रेलवे स्टेशन पर कामर्शियल अधिकारी प्रदीप सपोलिया ने कहा कि वेंडरों का काम प्रभावित तो हुआ है। कोविड-19 की गाइडलाइन के तहत प्लेटफार्म पर कम से कम लोगों की मौजूदगी रहनी चाहिए, जिसके कारण लोग ट्रेन छूटने से आधा घंटे पहले प्लेटफार्म पर जाने की अनुमति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वेंडर और दुकानदारों का काम यात्रियों पर ही निर्भर रहता है, अब जब यात्रियों की मौजूदगी कम है तो काम प्रभावित होगा ही।