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टेंडर प्रक्रिया में देरी, 600 से ज्यादा काम लंबित

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जम्मू। नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया में देरी से शहर में विकास कार्य रुके पड़े हैं। डेढ़ साल में अभी तक 800 से ज्यादा विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव आए हैं। इनमें मात्र 200 कार्यों को ही अनुमति मिल पाई है। बाकी 600 लंबित पड़े हैं। मौजूदा समय में टेंडर प्रक्रिया में 90 दिन का समय लग रहा है। एक बार में एक ही काम का टेंडर सिरे चढ़ पाता है। इसी तरह साल में एक वार्ड में 10 से 15 कार्यों में सिर्फ पांच की ही टेंडर प्रक्रिया पूरी हो पा रही है। इस कारण शहर में रास्ते, नाले, नालियों समेत कई कार्य रुक रहे हैं।
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जनरल हाउस की बैठक में भी शर्तों को आसान बनाने के लिए पार्षदों की ओर से मांग की जा चुकी है। टेंडर प्रक्रिया को एक माह में ही समाप्त करने के लिए भी कहा गया है। इस पर हाउस में सहमति भी बनी, मगर अभी तक इसे लागू नहीं किया गया। इस कारण पार्षदों को काम के लिए बार-बार हाउस में आकर मांग करनी पड़ रही है।
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कहीं नाले टूटे, तो कहीं क्रेटबाल नहीं लगी
शहर में हालत यह है कि कहीं पर नाले टूटे हैं, इस कारण बारिश का पानी घरों में घुसता है। कहीं, पर क्रेटबाल नहीं लग पा रहीं तो कहीं रास्तों से टाइलें उखड़ी हैं। कुछ वार्डों में लोग आज भी वर्षों पहले बने रास्तों पर चलने को मजबूर हैं।
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टेंडर प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। विकास कार्यों के लिए टेंडर लगाए जा रहे हैं। शहर में विकास कार्य चल रहे हैं। कुछ कामों में देरी हो रही है, जिन्हें जल्द शुरू करवाया जाएगा।
- अतुल गुप्ता, सचिव, नगर निगम
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नगर निगम एक्ट के तहत
नहीं हो पा रहीं बैठकें
जम्मू। जनरल हाउस की बैठकें नगर निगम के एक्ट 2000 के अनुसार नहीं हो पा रहीं। एक्ट के अनुसार हर माह बैठक होनी चाहिए। लेकिन अभी तक नगर निगम के गठन के बाद 10वीं बार ही बैठकें हुई हैं।
कारोना के चलते भी मार्च, 2020 से लेकर अब तक चार बैठकें हुईं। हालांकि जनरल हाउस वर्चुअल हो सकता था। बैठकें नियमित न होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
तीन या चार माह बाद बैठकें होने के कारण प्रस्तावों पर सहमति के अलावा अन्य मसलों पर बहस के लिए समय ही नहीं बचता है। नगर निगम की कार्रवाई को अगले हाउस के लिए भी टाला जाता है। हाउस में नाले, नालियां, पार्कों, स्ट्रीट लाइटों, पार्किंग, शापिंग कांप्लेक्स, सफाई मसले समेत कई विकास मसलों पर सहमति बनती है। सचिव अतुल गुप्ता के अनुसार कारोना के कारण समय पर बैठकें नहीं हो पाईं। आगे एक्ट के अनुसार ही काम किया जाएगा। ब्यूरो
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