रियासत की जेलों में बंद पढ़े-लिखे कैदियों को अब आईटीआई की शिक्षा मिलेगी। जेल विभाग ने राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड से इसे लेकर बातचीत की है। जल्द ही इस दिशा में औपचारिकता घोषणा होगी।
इसके बाद जेलों में इसकी पढ़ाई शुरू होगी। कैदियों के पुनर्वास को लेकर यह पहल की जा रही है। ताकि जेलों में रहने और यहां से बाहर जाने के बाद उनका ध्यान फिर से आपराधिक घटनाओं की तरफ न जाए।
अब तक सिर्फ मोमबत्तियां बनाने और तकनीकी काम सीखने तक ही यह प्रयास होता था। लेकिन अब कैदियों को तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से पढ़ाई का सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
हजारों कैदियों को होगा इसका फायदा
रियासत की 14 जेलों में इस समय 2500 से अधिक कैदी बंद हैं। इनमें सबसे अधिक जम्मू और श्रीनगर की सेंट्रल जेल और जम्मू और श्रीनगर की जिला जेल शामिल हैं। लगभग 1500 कैदी ऐसे हैं, जो युवा हैं और पढ़े लिखे हैं। दसवीं और 12वीं तक पढ़े युवाओं को विभाग आईटीआई की शिक्षा देगी।
राज्य जेल विभाग के महानिदेशक एसके मिश्रा ने कहा कि इसे लेकर तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री से लेकर उच्च अधिकारियों से बात कर ली गई है। इसे लेकर एक प्रस्ताव तैयार कर भी सौंपा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इस दिशा में कोई निर्णय लिया जाएगा।
सिर्फ सीखने तक ही सीमित
अब तक जेलों में बंद कैदियों को नाई, प्लंबर, मोमबत्तियां बनाने, इलेक्ट्रिशियन की ट्रेनिंग मिलती है जो उनके निजी रोजगार पर तक सीमित रह जाती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। आईटीआई कालेजों के शिक्षक जेलों में जाएंगे और कैदियों की शिक्षा देंगे।
इसके बाद उनको सर्टिफिकेट मिलेगा, जो उनके जेल से बाहर निकलने पर नौकरी लेने में भी मदद करेगा। कैदियों के पुनर्वास को लेकर जेल विभाग ने यह प्रयास किया है।