पुलवामा जिले के पांपोर का मूल निवासी डार पिछले 22 वर्षों से जेल में बंद था। उसे 1998 में कुछ नागरिकों की हत्या में गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों ने कहा कि 2014 के बाद मृतक के तीन करीबी आतंकवाद विरोधी अभियानों में मारे गए।
केंद्रीय जेल में शुक्रवार को एक कैदी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। यह कैदी 90 के दशक में आतंकवाद विरोधी अभियानों में सरकार समर्थक बंदूकधारी था। उसकी पहचान मुश्ताक अहमद डार के रूप में हुई है। बताया जाता है कि मुश्ताक पुलवामा हमले के आत्मघाती आदिल का चचेरा भाई था।
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पुलवामा जिले के पांपोर का मूल निवासी डार पिछले 22 वर्षों से जेल में बंद था। उसे 1998 में कुछ नागरिकों की हत्या में गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों ने कहा कि 2014 के बाद मृतक के तीन करीबी आतंकवाद विरोधी अभियानों में मारे गए।
इनमें लेथपोरा पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले का आत्मघाती हमलावर आदिल डार भी शामिल था, जो मृतक का चचेरा भाई बताया जाता था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।