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Jammu News: नवाचार व डिजिटल शिक्षा के लिए राजोरी के अयाज को सम्मानित करेंगी राष्ट्रपति

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मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, 2017 में जीत चुके हैं नेशनल आईसीटी अवॉर्ड
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शिक्षक दिवस पर 5 सितंबर को नई दिल्ली में विज्ञान भवन में होगा सम्मान
पहाड़ी क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए तकनीक को बनाया शिक्षा का माध्यम
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले राजोरी ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान दर्ज कराई है। थन्नामंडी निवासी और दल्होरी स्थित सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) के लेक्चरर मोहम्मद अयाज रैना का चयन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें यह पुरस्कार प्रदान करेंगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी देश के शीर्ष 48 शिक्षकों की सूची में वे जम्मू-कश्मीर से चुने गए शिक्षक हैं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, मोहम्मद अयाज रैना का चयन जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों की पारदर्शी और कड़ी मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद किया गया है। इस वर्ष चयनित 48 शिक्षकों में 27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के 6 प्रमुख संगठनों के नवाचारी शिक्षक शामिल हैं।
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मोहम्मद अयाज रैना राजोरी जिले के दल्होरी स्थित सरकारी स्कूल में बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) के लेक्चरर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों से अलग हटकर कक्षा में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी), डिजिटल शिक्षा और नवाचार आधारित प्रयोगों को प्रभावी ढंग से बढ़ावा दिया है। रैना ने आईसीटी को केवल कंप्यूटर या स्मार्ट क्लास तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों की नियमित सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बनाया, जिससे दुर्गम व पहाड़ी क्षेत्रों के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और पढ़ाई को रोचक बनाने में बड़ी मदद मिली है।
उपलब्धियों से भरा रहा है सफर
राष्ट्रीय आईसीटी पुरस्कार (2017):
शिक्षण में सूचना एवं संचार तकनीक के प्रभावी और रचनात्मक उपयोग के लिए उन्हें केंद्र सरकार के''नेशनल आईसीटी अवॉर्ड फॉर स्कूल टीचर्स से सम्मानित किया जा चुका है।
वैश्विक पहचान: उन्होंने शिक्षण सामग्री (ई-कंटेंट) निर्माण में भी अपनी खास पहचान बनाई है। वर्ष 2020 में यूनिवर्सल टीचर्स अकादमी द्वारा आयोजित इंटरनेशनल एजुकेशनल ई-कंटेंट फेस्टिवल में उन्होंने बेस्ट एजुकेशनल पोस्टर ग्लोबल अवॉर्ड और जूरी विनर का खिताब हासिल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई थी।
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मंच की सदस्यता:
अयाज राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के राष्ट्रीय मंच प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड टीचर्स फोरम ऑफ इंडिया के सदस्य भी हैं।

प्रयोग और गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर
बॉटनी लेक्चरर के रूप में रैना विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देने के बजाय प्रयोगात्मक और वैज्ञानिक गतिविधियों के जरिए सिखाते हैं। दल्होरी स्कूल में वे लगातार प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान को सरल व रोचक बनाते रहे हैं। राजोरी से उनका इस सर्वोच्च सम्मान के लिए चुना जाना पूरे केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
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