श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर उपजिला आरएस पुरा के मंदिरों की भव्य सजावट हो रही है। पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। घर-घर पूजा की तैयारी की जा रही है। बाजार में रौनक छा गई है। लोगों की खरीदारी से व्यापारी गदगद हैं।
क्षेत्र स्थित मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया जा रहा है। भक्तों की सुविधा के लिए पंडाल बनाया जा रहा है। मंदिर के पुजारी गरीश चन्द्र ने बताया कि भादों कृष्ण पक्ष अष्टमी के रोहिणी नक्षत्र में रात में भगवान का जन्म हुआ था। मंदिर के गर्भ गृह की परिक्रमा के बाद मखमल के कपड़े से सजे झूला में भगवान को बैठाया जाएगा। श्रद्धालु और भक्त सारी रात भगवान को झूला झूलाएंगे। इस दौरान आरती,भजन-कीर्तन होगा।
मीरां साहिब के प्राचीन राधा-कृष्ण मंदिर की भी सजावट की जा रही है। मंदिर के पुजारी बिमल ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर भक्तों में काफी उत्साह है। कस्बे के मिठाई विक्रेता पारस डोगरा ने बताया कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी में मिठाई की जबरदस्त बिक्री होती है। इस कारण अभी से मिठाइयों को बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं दुकानों पर भगावन कृष्ण की मूर्ति, मोर पंख, मुकुट, बांसूरियों की भी लोग खरीदारी करते नजर आए।
राधा-कृष्णन मंदिर पथसीकर में कृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन
रामगढ़। क्षेत्र में वीरवार को राधाकृष्णन मंदिर, दौलत-ए-चक में पथसीकर्स इंटरनेशनल स्कूल रामगढ़ की ओर से कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
प्री-विंग के विद्यार्थियों ने पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और इस उत्सव को जीवंत किया। समारोह की शुरुआत भक्तिमय प्रार्थना, भजन और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ हुई। मंदिर के मुख्य पुजारी ने भगवान कृष्ण के जन्म की दिव्य कथा सुनाई और बच्चों को इसके महत्व और नैतिक मूल्यों से अवगत कराया। इस विशेष अवसर पर, स्कूल की ट्रस्टी श्रीमती किरण भूपिंदर सिंह और पथसीकर्स इंटरनेशनल स्कूल, रामगढ़ की प्रधानाचार्या मनप्रीत कौर, शिक्षण स्टाफ के साथ उपस्थित थीं।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य मनप्रीत कौर ने कहा ऐसे उत्सव छात्रों को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने में मदद करते हैं। साथ ही छोटी उम्र से ही उनमें नैतिक मूल्यों का संचार भी करते हैं। कार्यक्रम का समापन प्रधान पुजारी के आशीर्वाद और छात्रों एवं कर्मचारियों को प्रसाद वितरण के साथ हुआ।